मुर्शिदाबादः राज्य पुलिस के हाथ से अब बेलडांगा कांड की जांच केंद्रीय एजेंसी(राष्ट्रीय जांच एजेंसी) या NIA के हाथ में चली गई है। सूत्रों के अनुसार, केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देश के बाद ही यह जांच NIA द्वारा संभाली जा रही है। जल्द ही NIA एक विशेष दल का गठन करके स्थानीय थाने जाएगी और जांच के सभी दस्तावेज़ और 'केस डायरी' अपने कब्जे में ले लेगी।
प्रसंगतः, पिछले 16 जनवरी को झारखंड में प्रवासी मजदूर आलाउद्दिन शेख की मौत के बाद मुर्शिदाबाद के बेलडांगा का रूप रणभूमि जैसा हो गया था। शव के गांव आते ही तेज उत्तेजना फैल गई। 34 नंबर राष्ट्रीय राजमार्ग लगभग 6 घंटे तक अवरोध रखा गया और जमकर पत्थरबाजी हुई। रेलवे मार्ग को भी अवरोध कर दिया गया था। यहाँ तक कि पत्रकारों को पीटने और उनकी गाड़ियों को तोड़फोड़ करने का भी मामला सामने आया था।
राज्य पुलिस की प्रारंभिक जांच में उस मजदूर की मौत को आत्महत्या कहा गया, फिर भी, उनके परिवार और स्थानीय निवासियों के एक हिस्से का दावा है कि यह हत्या है। मामला अदालत तक पहुँचा।
कोलकाता हाईकोर्ट में कई सार्वजनिक हित याचिकाएँ दाखिल की गईं। यह याचिका पश्चिम बंगाल विधानसभा के विपक्षी दल के नेता शुभेंदु अधिकारी ने भी दायर की थी। 20 जनवरी को हाईकोर्ट ने कहा कि यदि केंद्र सरकार चाहे तो राष्ट्रीय जांच एजेंसी के माध्यम से इस मामले की जांच करवा सकती है।
आख़िरकार केंद्र के निर्देश पर NIA मैदान में उतर गई। यह हिंसा पूर्वनिर्धारित है या नहीं, इसके पीछे किसी देशविरोधी ताकत का हाथ है या नहीं, यही अब केंद्रीय जांच एजेंसी देखेगी।