कोलकाताः पश्चिम मेदिनीपुर के चंद्रकोणा रोड पर नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी के काफिले पर हुए कथित हमले के मामले में केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पूरी जानकारी मांगी है। बताया जा रहा है कि अमित शाह के नेतृत्व वाले गृह मंत्रालय की ओर से यह विवरण सीधे शुभेंदु अधिकारी के कार्यालय से तलब किया गया है। भाजपा सूत्रों के अनुसार, हमले से जुड़े सात वीडियो क्लिप शुभेंदु के दफ्तर से दिल्ली भेजे गए हैं।
इस घटना के विरोध में शनिवार देर रात शुभेंदु अधिकारी चंद्रकोणा रोड पुलिस चौकी के सामने धरने पर बैठ गए थे। रविवार तड़के उन्होंने धरना समाप्त कर इलाके में मशाल जुलूस निकाला। इस हमले के विरोध में पश्चिम और पूर्व मेदिनीपुर के अलग-अलग इलाकों में भाजपा कार्यकर्ताओं ने भी प्रदर्शन किया।
बताया जाता है कि शनिवार को शुभेंदु अधिकारी पुरुलिया से कोलकाता लौट रहे थे। इसी दौरान चंद्रकोणा रोड पर उनके काफिले को उनकी ही पार्टी के कुछ कार्यकर्ताओं ने रोक लिया। वह उनसे बातचीत कर रहे थे, तभी आरोप है कि तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ता वहां पहुंच गए और उनके साथ बदसलूकी की। इस दौरान उनकी गाड़ी पर ईंटें फेंके जाने का भी आरोप है। इन्हीं आरोपों को लेकर शुभेंदु पुलिस चौकी पहुंचे थे। जब पुलिस ने शिकायत दर्ज करने से इनकार किया, तो उन्होंने वहीं धरना शुरू कर दिया।
रविवार सुबह पूर्व मेदिनीपुर के कोलाघाट स्थित माड़बेड़िया में एक कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे शुभेंदु अधिकारी ने मीडिया से कहा, “हमने अंग्रेजों को भगाया है। हम मेदिनीपुर के लोग हैं। ये लोग खुद को अंग्रेजों से ऊपर समझते हैं क्या? हमें डराने से कोई फायदा नहीं होगा।” इसके बाद वे कोलकाता लौट आए।
गौरतलब है कि पिछले गुरुवार को ईडी की छापेमारी के दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को सॉल्टलेक के सेक्टर फाइव स्थित चुनावी रणनीति बनाने वाली संस्था आई-पैक के दफ्तर में जाते और कुछ फाइलें लेकर बाहर निकलते देखा गया था। उसी दिन भाजपा ने ममता बनर्जी पर जांच में दखल देने का आरोप लगाया था। रविवार को इसी मुद्दे पर भाजपा ने जादवपुर 8-बी बस स्टैंड से देशप्रिय पार्क तक शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व में विरोध मार्च निकाला। मार्च के बाद शुभेंदु ने कहा, “इस मामले की सीबीआई जांच होनी चाहिए।”
रविवार को कोलाघाट में ईडी की छापेमारी और मुख्यमंत्री की मौजूदगी को लेकर भी सवाल उठे। इस पर शुभेंदु अधिकारी ने कहा, “उन्होंने (मुख्यमंत्री) खुद को बचाने के लिए फाइलें हटाईं। भतीजे का कोई रोल नहीं है। यही महिला चोरों की रानी है। राजीव कुमार के समय भी सीबीआई छापे के दौरान ऐसा ही हुआ था। निशाना दो नहीं, सिर्फ एक है-डकैतों की रानी।”
वहीं तृणमूल कांग्रेस की ओर से पलटवार करते हुए पार्टी प्रवक्ता अरूप चक्रवर्ती ने कहा, “हिंदी में एक कहावत है-उल्टा चोर कोतवाल को डांटे। अमित शाह के निर्देश पर ईडी तृणमूल की संगठनात्मक फाइलें चुराने आई थी। ममता बनर्जी ने उस चोरी को पकड़ लिया, इसलिए भाजपा नेता गुस्से में हैं।”
तृणमूल कांग्रेस के पूर्व मेदिनीपुर स्थित तमलुक संगठनात्मक जिले के अध्यक्ष सुजीत कुमार राय ने कहा, “शुभेंदु अधिकारी मानसिक संतुलन खो बैठे हैं। कब क्या बोलते हैं, खुद नहीं जानते। 15 जनवरी को नंदीग्राम में अभिषेक बनर्जी के सेवा-शिविर में आकर इलाज करवा लें। हम उनके अच्छे स्वास्थ्य की कामना करते हैं।”