कोलकाताः दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव का असर सीधे तौर पर बंगाल के मौसम पर नहीं पड़ा। हालांकि इस सिस्टम के बाहरी बादलों के घेरे (क्लाउड बैंड) के कारण उत्तर-पश्चिम दिशा से आने वाली ठंडी हवाओं का प्रवाह कुछ समय के लिए रुक गया। इसी वजह से शनिवार को कोलकाता का न्यूनतम तापमान शुक्रवार के मुकाबले साढ़े तीन डिग्री बढ़कर 15 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया।
अलीपुर मौसम विभाग के अनुसार, 4 जनवरी (15.2 डिग्री सेल्सियस) के सात दिन बाद पहली बार शहर का रात का तापमान 15 डिग्री के आसपास दर्ज किया गया। वहीं रविवार को कोलकाता का अधिकतम तापमान 23.9 डिग्री सेल्सियस रहा। आंकड़ों के मुताबिक, 3 जनवरी (23.4 डिग्री) के आठ दिन बाद दिन का तापमान फिर से 23 डिग्री के दायरे में लौटा है।
ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या कोलकाता और दक्षिण बंगाल में सर्दी अब विदा लेने वाली है? इस पर मौसम विशेषज्ञ रवींद्र गोयनका का कहना है कि सर्दी अभी खत्म नहीं हुई है। उनके अनुसार, “दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव के कारण सिर्फ अस्थायी रूप से उत्तर से आने वाली ठंडी हवाओं की गति रुकी है। इसी वजह से तापमान में हल्की बढ़ोतरी देखने को मिली। लेकिन मंगलवार से फिर से ठंड का असर महसूस किया जाएगा।”
आमतौर पर पौष महीने के अंत में ठंड और तेज होती है। खासतौर पर मकर संक्रांति के समय अगर दक्षिण बंगाल में कड़ाके की ठंड न पड़े, तो इसे असामान्य माना जाता है। हालांकि पिछले पांच वर्षों के आंकड़े बताते हैं कि मकर संक्रांति के दिन कोलकाता का न्यूनतम तापमान एक साल को छोड़कर बाकी वर्षों में 16 से 19 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा है। हालांकि मौसम वैज्ञानिकों के एक वर्ग का मानना है कि इस साल मकर संक्रांति पर तापमान पिछले पांच वर्षों की तुलना में काफी नीचे जा सकता है।
मौसम विभाग का अनुमान है कि ठंड के इस नए दौर में कोलकाता का रात का तापमान फिर से 10 से 12 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है। साथ ही बांकाुड़ा, पुरुलिया, बीरभूम, झाड़ग्राम और पश्चिम बर्धमान जैसे जिलों में दोबारा शीतलहर जैसी स्थिति बनने की भी पूरी संभावना है।