नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति (उपक्रम) कोलकाता की छमाही समीक्षा बैठक फेयरफील्ड, मैरियट होटल कोलकाता के सभागार में सम्पन्न हुआ। समीक्षा बैठक में सदस्य कार्यालयों के प्रधान तथा राजभाषा अधिकारियों ने शिरकत की। बैठक की अध्यक्षता डॉ. विनय रंजन, अध्यक्ष नराकास उपक्रम कोलकाता एवं निदेशक – मानव संसाधन, कोल इण्डिया लिमिटेड ने की।
उन्होंने समिति की गतिविधियों की समीक्षा करते हुए राजभाषा हिंदी के कार्यान्वयन में हुई प्रगति पर संतोष व्यक्त किया तथा सभी से आह्वान किया कि यदि सभी 33 कार्यालय नराकास के बैनर तले एक कार्यक्रम का आयोजन करें तो नराकास उपक्रम कोलकाता पूर्वी क्षेत्र के नराकासों में सबसे ऊपर की श्रेणी में गिना जाएगा।
गृह मंत्रालय, राजभाषा विभाग (पूर्वी क्षेत्र) के क्षेत्रीय कार्यान्वयन कार्यालय के उपनिदेशक डॉ. विचित्रसेन गुप्त ने सदस्य कार्यालयों के रिपोर्टों की समीक्षा करते हुए नराकास उपक्रम कोलकाता की गतिविधियों को सराहा। केंद्रीय अनुवाद ब्यूरो हिंदी शिक्षण योजना के सभी स्तंभ प्रमुखों द्वारा राजभाषा नीति के प्रभावी कार्यान्वयन पर मार्ग दर्शन दिया गया। हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेश संजीव कुमार सिंह ने जीवन में कॉपर के महत्व के साथ-साथ भारतीय एकता के लिए राजभाषा हिंदी को महत्वपूर्ण बताया।
मंचासिन बंगाल केमिकल्स एण्ड फार्मास्यूटिकल्स लि. प्रबंध निदेशक श्रीकुमार घोष चौधरी तथा ओ.एन.जी सी. लिमिटेड के बेसिन प्रबंधक मानस कुमार नाथ ने राजभाषा कार्यान्वयन के संबंध में प्रेरणादायी संबोधन दिया। इससे पूर्व एयरपोर्ट अथॉरिटी की राजभाषा अधिकारी शिवानी गरगश ने सभी 33 कार्यालयों की तिमाही रिपोर्ट तथा नराकास की गतिविधियों की रिपोर्ट प्रस्तुत की।
इस अवसर पर नराकास उपक्रम की गृह पत्रिका “अभिव्यक्ति” के 33वें अंक का विमोचन किया गया । साथ ही विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं तथा विभिन्न गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाने वाले कार्यालयों को सक्रिय सहभागिता पुरस्कार से सम्मानित किया गया। समीक्षा बैठक के उपरांत अपोलो अस्पताल, कोलकाता के मधुमेह विशेषज्ञ डॉ विश्वरूप मुखर्जी द्वारा मधुमेह जैसी जानलेवा बीमारी पर विस्तृत जानकारी दी गयी तथा विभिन्न चिकित्सा परीक्षण किया गया।
कार्यक्रम के द्वितीयार्द्ध में राजभाषा उत्सव का आयोजन किया गया। राजभाषा उत्सव के दौरान ब्रजेश कुमार त्रिपाठी, सीवीओ, सीआईएल की अध्यक्षता में कवि सम्मलेन का आयोजन किया गया जिसमें वित्त मंत्रालय में हिंदी सलाहकार समिति के सदस्य नवीन कुमार प्रजापति, कोल इंडिया के महाप्रबंधक प्रशासन संजय, विद्यासागर विश्वविद्यालय के प्रो. संजय जायसवाल आदि कवियों ने अपनी प्रस्तुति दी।
तदुपरांत सांस्कृतिक पुर्ननिर्माण मिशन द्वारा आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम ने दर्शकों का मन मोह लिया। ओमप्रकाश प्रसाद, अनुसंधान अधिकारी द्वारा राजभाषा कार्यान्वयन विषय पर महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश प्रदान किया गया। विशेष आकर्षण के तहत इस्कॉन द्वारा भगवद्गीता के दृष्टिकोण से स्वस्थ संचार पर एक प्रेरणादायक व्याख्यान प्रस्तुत किया गया। इस तरह कार्यक्रम का भव्य तरीके से समापन किया गया और सभी प्रतिनिधियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए राजभाषा के गौरव को बढ़ाने का संकल्प लिया । नराकास के सदस्य सह सचिव राजेश साव की इस नवीन पहल की अध्यक्ष महोदय द्वारा सराहना की गयी।
कार्यक्रम का संचालन नयंका जायसवाल, प्रबंधक (मा.सं.), श्री राजेश कु.साव, प्रबंधक (रा.भा.), सीआईएल तथा धन्यवाद ज्ञापन भारतीय खाद्य निगम की प्रबंधक (राजभाषा) रीना पाण्डेय ने किया। राजेश वी. नायर, महाप्रबंधक (राजभाषा), कोल इंडिया के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम के सफल आयोजन में ब्रिज एंड रुफ के सौरव मुस्कान, सीडब्ल्यूसी के सुमित गुप्ता, एमएसटीसी से डॉ. सुनील कुमार साव, इंडियन ऑयल से दिनेश शर्मा, ईएसआईसी से रमेश साव, एनएचपीसी से मधुमिता गुहा, कोल इण्डिया से प्रियांशु प्रकाश, सुरेश सिंह, संदीप सोनी, राकेश देवगड़े आदि की महत्वपूर्ण भूमिका रही।