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DA केस का फैसला वृहस्पतिवार को, सुप्रीम कोर्ट पर टिकीं राज्य कर्मचारियों की उम्मीदें

25% बकाया भुगतान और केंद्रीय दर पर DA को लेकर होगा अंतिम निर्णय।

By Author : कौशिक भट्टाचार्य, Posted by: श्वेता सिंह

Feb 04, 2026 23:53 IST

कोलकाताः राज्य सरकार के कर्मचारी लंबे समय से लंबित महंगाई भत्ता (DA) मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। जानकारी के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट गुरुवार सुबह 10:30 बजे DA केस पर अपना फैसला सुनाएगा। यह फैसला कोर्ट की 11वीं बेंच द्वारा सुनाया जाएगा।

DA मामले की सुनवाई पिछले साल 8 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट में पूरी हो चुकी थी। उस समय अदालत ने राज्य सरकार और कर्मचारी संगठनों को निर्देश दिया था कि यदि इस मुद्दे पर कोई अतिरिक्त बयान देना हो, तो तीन सप्ताह के भीतर लिखित रूप में पेश करें। फिलहाल राज्य सरकार के कर्मचारियों को 18 प्रतिशत DA मिल रहा है, जबकि कर्मचारी संगठन केंद्र सरकार के समान दर पर DA देने की मांग कर रहे हैं।

यह मामला पहले स्टेट एडमिनिस्ट्रेटिव ट्रिब्यूनल, फिर कलकत्ता हाई कोर्ट और उसके बाद सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा। वर्ष 2022 में कलकत्ता हाई कोर्ट ने राज्य सरकार के कर्मचारियों के पक्ष में फैसला देते हुए कहा था कि महंगाई भत्ता कर्मचारियों का अधिकार है और उन्हें केंद्रीय दर पर DA मिलना चाहिए। इसके बाद राज्य सरकार ने हाई कोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी।

सुप्रीम कोर्ट ने अंतरिम आदेश में राज्य सरकार को बकाया DA का 25 प्रतिशत भुगतान करने का निर्देश दिया था। हालांकि, राज्य सरकार ने और समय की मांग करते हुए तर्क दिया कि DA कोई मौलिक अधिकार नहीं है। राज्य का यह भी कहना है कि केंद्र और राज्य सरकारों की वित्तीय संरचना अलग-अलग है, इसलिए दोनों की तुलना नहीं की जा सकती।

कन्फेडरेशन ऑफ स्टेट गवर्नमेंट एम्प्लॉइज के अध्यक्ष श्यामल मित्रा के अनुसार, वर्ष 2022 से अब तक सुप्रीम कोर्ट में इस मामले की सुनवाई करीब 25 बार टल चुकी है, जिससे कर्मचारियों में निराशा बढ़ी थी। आखिरकार 7 सितंबर को सुनवाई पूरी हुई और तब से कर्मचारी अंतिम फैसले की प्रतीक्षा कर रहे हैं। बताया गया है कि इस मामले पर जस्टिस संजय करोल और जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा की डिवीजन बेंच फैसला सुनाएगी।

उधर, गुरुवार को ही राज्य का बजट भी पेश किया जाएगा। वित्त मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य विधानसभा में बजट प्रस्तुत करेंगी। कर्मचारियों के एक वर्ग को उम्मीद थी कि बजट में DA को लेकर कोई घोषणा हो सकती है, लेकिन अब उनकी निगाहें पूरी तरह सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर टिकी हैं। इस मुद्दे पर श्यामल मित्रा ने कहा, “हमारी मांग है कि महंगाई भत्ता ऑल इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स के आधार पर दिया जाए। अब सब कुछ सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर निर्भर करता है।”

माध्यमिक शिक्षक एवं शिक्षाकर्मी समिति (STEA) के अनिमेष हालदार ने कहा कि कल पांच फरवरी सुप्रीम कोर्ट की 11 नंबर कोर्ट में सुबह 10:30 बजे DA (पांचवें वेतन आयोग) मामले का फैसला सुनाया जाएगा। हमें उम्मीद है कि यह फैसला राज्य के कर्मचारियों की लंबे समय से चली आ रही अनदेखी पर विराम लगायेगा। इसके साथ ही हम यह मांग करते हैं कि कल ही पेश होने वाले राज्य बजट में (वर्तमान छठे वेतन आयोग के तहत) सभी बकाया DA का भुगतान किया जाए और सातवें वेतन आयोग की घोषणा की जाए।

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