नई दिल्लीः वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को कहा कि सरकार दिवालियापन और दिवालापन संहिता (संशोधन) विधेयक, 2025 को बजट सत्र के दूसरे हिस्से में 9 मार्च से पेश करने की योजना बना रही है। उन्होंने लोकसभा में बजट 2026-27 पेश करने के एक दिन बाद यह जानकारी मीडिया को दी।
सीतारमण ने बताया कि संसद की चयन समिति ने पहले ही विधेयक से जुड़े सुझावों की रिपोर्ट जमा कर दी है। उनका कहना है कि प्रस्तावित संशोधन से दिवालियापन प्रक्रिया की समयसीमा और प्रभावशीलता में सुधार होगा और भारत का दिवालापन ढांचा वैश्विक सर्वोत्तम प्रथाओं के अनुरूप होगा।
यह संशोधन IBC अधिनियम, 2016 में सातवां होगा। इस कानून में अब तक छह बार संशोधन किया जा चुका है, जिसमें अंतिम संशोधन 2021 में हुआ था। IBC ने पहले ही लेनदार और ऋणी के संबंधों में बदलाव लाकर कंपनियों और प्रमोटरों में ऋण चुकाने में लापरवाही के जोखिम के प्रति सचेत किया।
सीतारमण ने कहा कि 12 अगस्त, 2025 को सरकार ने लोकसभा में IBC में बदलाव का विधेयक पेश किया था, जिसमें दिवालियापन प्रस्तावों के प्रवेश समय को घटाने जैसे कई सुधार शामिल थे। यह विधेयक लोकसभा की चयन समिति को भेजा गया था जिसने दिसंबर 2025 में अपनी रिपोर्ट सौंप दी।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस संशोधन के बाद दिवालियापन मामलों का निपटारा तेजी से होगा और कंपनियों के लिए वित्तीय स्थिरता की गारंटी बढ़ेगी। साथ ही, निवेशकों को यह संकेत मिलेगा कि भारत में व्यवसाय करने का ढांचा पारदर्शी और विश्वसनीय है।