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बजट 2026 पर खड़गे की तीखी प्रतिक्रिया: कहा महंगाई, बेरोजगारी और पिछड़े वर्गों के लिए कोई सुविधाएं नहीं

खड़गे ने कहा कि यह बजट नई सोच से खाली है और महंगाई, बेरोजगारी, बचत में गिरावट और बढ़ती असमानता जैसी समस्याओं का कोई ठोस हल नहीं पेश करता।

By राखी मल्लिक

Feb 01, 2026 19:05 IST

नई दिल्ली : कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने रविवार को केंद्रीय बजट 2026-27 की आलोचना करते हुए कहा कि यह देश की आर्थिक समस्याओं को हल करने में असफल है। उन्होंने कहा कि यह बजट गरीबों और कमजोर वर्गों के लिए निराशाजनक है और इसमें युवाओं में बढ़ती बेरोजगारी का कोई समाधान नहीं है।

खड़गे ने कहा कि यह बजट नई सोच से खाली है और महंगाई, बेरोजगारी, बचत में गिरावट और बढ़ती असमानता जैसी समस्याओं का कोई ठोस हल नहीं पेश करता। उन्होंने आगे बताया कि मोदी सरकार के पास नए विचार खत्म हो गए हैं। यह बजट भारत की महत्वपूर्ण आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक चुनौतियों के लिए ज्यादा सवाल खड़े करता है, लेकिन कोई समाधान पेश नहीं करता। इसमें गरीबों के लिए कोई सुविधाएं उल्लेखित नहीं है। महंगाई को नियंत्रित करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि घरेलू मांग कमजोर होती जा रही है लेकिन इस बजट में इसे नजरअंदाज किया गया है। खड़गे ने कहा कि आर्थिक सर्वेक्षण बताता है कि व्यापार में अस्थिरता भारत के लिए बड़ी चुनौती है बजट में इस समस्या को केवल उपरी तौर पर ही बताया गया है। रुपये के गिरते मूल्य को लेकर कोई योजना नहीं है। घरेलू बचत में गिरावट और व्यक्तिगत कर्ज का बढ़ता बोझ भी नजरअंदाज किया गया है। शिक्षित युवाओं में बेरोजगारी के व्यापक संकट का कोई समाधान नहीं है। राज्यों की वित्तीय समस्याओं के लिए वित्त आयोग की सिफारिशें पर्याप्त राहत नहीं देतीं।

असमानता के मुद्दे पर खड़गे ने कहा कि भारत में संपत्ति और आय में अंतर ब्रिटिश राज के समय से भी ज्यादा बढ़ गया है लेकिन बजट में इसका कोई जिक्र नहीं है। इसके अलावा अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों, अन्य पिछड़े वर्गों, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग और अल्पसंख्यकों के लिए कोई राहत प्रावधान जारी नहीं किया गया है।

इससे पहले वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में बजट 2026-27 पेश किया। उन्होंने कहा कि यह बजट 'युवाशक्ति' पर आधारित है और इसमें सात हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर, नए समर्पित फ्रेट कॉरिडोर और अगले पांच साल में 20 राष्ट्रीय जलमार्गों का संचालन शामिल है।

बजट में पर्यावरण-संपन्न यात्री परिवहन को बढ़ावा देने के लिए सात हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर विकसित करने का प्रस्ताव रखा गया है। ये कॉरिडोर भारत के आर्थिक और शहरी केंद्रों को तेज, स्वच्छ और कनेक्टेड बनाएंगे। प्रस्तावित मार्ग हैं : मुंबई–पुणे, पुणे–हैदराबाद, हैदराबाद–बेंगलुरु, हैदराबाद–चेन्नई, चेन्नई–बेंगलुरु, दिल्ली–वाराणसी, और वाराणसी–सिलीगुड़ी।

वित्त मंत्री ने पर्यावरण और प्रकृति आधारित पर्यटन पर भी ध्यान दिया। उन्होंने कहा कि भारत विश्वस्तरीय ट्रेकिंग और हाइकिंग अनुभव देने की क्षमता रखता है। सरकार हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, ईस्टर्न घाट के अरकु वैली और वेस्टर्न घाट के पोथिगई मलाई में स्थायी पर्वतीय ट्रेल विकसित करेगी।

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