नई दिल्ली : वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2026-27 में उत्तर-पूर्वी राज्यों में पर्यटन और विकास को बढ़ावा देने के लिए कई अहम घोषणाएं कीं। उन्होंने अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम, असम, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में बौद्ध धार्मिक स्थलों के विकास के लिए एक नई योजना शुरू करने का प्रस्ताव रखा।
एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि इस योजना के तहत बौद्ध मंदिरों और मठों का संरक्षण किया जाएगा। इसका उद्देश्य उत्तर-पूर्व भारत की समृद्ध आध्यात्मिक विरासत को उजागर करना है। उन्होंने कहा कि यह योजना क्षेत्र को संस्कृति, व्यापार और संपर्क का एक बड़ा केंद्र बनाने में मदद करेगी।
धार्मिक पर्यटन के साथ-साथ वित्त मंत्री ने ईस्ट कोस्ट इंटीग्रेटेड इंडस्ट्रियल कॉरिडोर को उत्तर-पूर्व तक विस्तार देने की भी घोषणा की। इससे उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा, बुनियादी ढांचा मजबूत होगा और दूरदराज इलाकों में रोजगार के अवसर पैदा होंगे। उन्होंने दुर्गापुर को इस कॉरिडोर का एक प्रमुख केंद्र बताया। इसके अलावा पांच पूर्वोदय राज्यों में पांच नए पर्यटन स्थलों के विकास और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए 4 हजार ई-बसें चलाने का भी प्रस्ताव रखा गया।
स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़ी घोषणा करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि उत्तर भारत में NIMHANS 2.0 की स्थापना की जाएगी, ताकि मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत किया जा सके। साथ ही रांची और तेजपुर में स्थित राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य संस्थानों को अपग्रेड किया जाएगा। आपातकालीन और ट्रॉमा केयर सुविधाओं को मजबूत करने के लिए जिला अस्पतालों में इनकी क्षमता 50 प्रतिशत तक बढ़ाई जाएगी, जिससे गरीब और जरूरतमंद लोगों को राहत मिलेगी।
कैंसर मरीजों को बड़ी राहत देते हुए वित्त मंत्री ने 17 कैंसर से जुड़ी दवाओं पर बेसिक कस्टम ड्यूटी हटाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि इलाज में काम आने वाली दवाओं और खास मेडिकल खाने (स्पेशल डाइट) की आयात शुल्क से राहत देने के लिए सरकार 7 और दुर्लभ बीमारियों को इस सूची में जोड़ने जा रही है। वित्त मंत्री ने कहा कि ये कदम स्वास्थ्य सेवाओं को सुलभ और सस्ता बनाने की दिशा में सरकार की मजबूत प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं।