केंद्रीय बजट 2026 इस बार सिर्फ आर्थिक दस्तावेज नहीं, बल्कि एक ऐतिहासिक घटना के रूप में सामने आने वाला है। 1 फरवरी 2026 को पहली बार बजट रविवार के दिन संसद में पेश किया जाएगा। यही वजह है कि इस बजट को अब तक के 75 सालों में सबसे अलग और खास माना जा रहा है। बजट को लेकर सरकार, बाजार और आम जनता-तीनों की नजरें एक साथ टिकी हुई हैं।
लगातार नौवां बजट, सीतारमण का रिकॉर्ड
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण इस बार वित्त मंत्री के रूप में अपना लगातार नौवां बजट पेश करेंगी। यह अपने आप में एक रिकॉर्ड है। लंबे अनुभव और निरंतरता की वजह से इस बजट से नीति की स्थिरता और स्पष्ट दिशा की उम्मीद की जा रही है।
बजट प्रेजेंटेशन में बड़ा बदलाव
इस बार बजट को खास बनाने की सबसे बड़ी वजह इसका बदला हुआ प्रेजेंटेशन फॉर्मेट है। अब तक बजट भाषण में Part A सबसे विस्तृत हिस्सा होता था, जबकि Part B सीमित घोषणाओं तक सिमटा रहता था। लेकिन बजट 2026 में यह संतुलन बदलता नजर आ सकता है।
Part B बनेगा बजट का केंद्रबिंदु
सरकारी सूत्रों के अनुसार, इस बार Part B को विशेष रूप से मजबूत और विस्तृत रखा जाएगा। इसमें न केवल तात्कालिक फैसलों, बल्कि शॉर्ट-टर्म और लॉन्ग-टर्म लक्ष्यों पर भी खुलकर चर्चा हो सकती है। यह हिस्सा भारत की आर्थिक दिशा और प्राथमिकताओं को स्पष्ट करेगा।
भारत के भविष्य का आर्थिक विजन
बजट भाषण के Part B में भारत की आर्थिक क्षमताओं, वैश्विक स्तर पर देश की भूमिका और आने वाले वर्षों में विकास की संभावनाओं का रोडमैप सामने आ सकता है। इसे भारत के भविष्य की आर्थिक ब्लूप्रिंट के रूप में देखा जा रहा है, जिस पर दुनिया भर के विशेषज्ञों की नजर रहेगी।
रविवार को भी खुले रहेंगे शेयर बाजार
बजट के असर को देखते हुए बीएसई और एनएसई ने बड़ा फैसला लिया है। 1 फरवरी, रविवार को भी शेयर बाजार खुले रहेंगे। प्री-ओपन मार्केट सुबह 9 से 9:08 बजे तक और सामान्य कारोबार 9:15 से 3:30 बजे तक होगा। निवेशकों के लिए यह दिन बेहद अहम रहने वाला है।
निवेशकों की निगाहें बजट घोषणाओं पर
टैक्स, इंफ्रास्ट्रक्चर और सरकारी खर्च से जुड़े फैसले शेयर बाजार की दिशा तय करते हैं। ऐसे में बजट 2026 की हर घोषणा पर निवेशकों की पैनी नजर रहेगी और बाजार में तुरंत प्रतिक्रिया देखने को मिल सकती है।
28 जनवरी से शुरू हुआ बजट सत्र
सरकार पहले ही साफ कर चुकी है कि बजट सत्र 28 जनवरी 2026 से शुरू हो गया है। परंपरा के अनुसार, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के संयुक्त संबोधन से संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही की शुरुआत हुई, जिसके बाद बजट पेश किया जाएगा।
1 फरवरी की तारीख क्यों है खास
पहले भारत में बजट 28 फरवरी को पेश होता था। लेकिन 2017-18 से सरकार ने इसे 1 फरवरी कर दिया। इसका उद्देश्य यह था कि नई सरकार या नई नीतियों को लागू करने के लिए पूरे वित्त वर्ष का समय मिल सके।
सुबह 11 बजे बजट पेश करने की परंपरा
ब्रिटिश काल में बजट शाम 5 बजे पेश किया जाता था। इस परंपरा को 1999 में बदला गया और पहली बार बजट सुबह 11 बजे पेश हुआ। तभी से यही समय तय कर दिया गया है, ताकि पूरे दिन बजट पर चर्चा और विश्लेषण हो सके।
वीकेंड पर बजट, लेकिन रविवार पहली बार
हालांकि वीकेंड पर बजट पेश होना बिल्कुल नया नहीं है। इससे पहले 2015 और 2025 में बजट शनिवार को पेश किया गया था। लेकिन रविवार को बजट और उसी दिन शेयर बाजारों का खुला रहना बजट 2026 को अलग पहचान देता है।
दिशा तय करेगा बजट 2026
कुल मिलाकर, बजट 2026 अपनी तारीख, बदले हुए प्रेजेंटेशन और दीर्घकालिक आर्थिक विजन के कारण ऐतिहासिक माना जा रहा है। यह बजट न सिर्फ अगले वित्त वर्ष की तस्वीर पेश करेगा, बल्कि आने वाले वर्षों में भारत की आर्थिक दिशा भी तय कर सकता है।