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ED की छापेमारी: निवेशकों से करोड़ों की ठगी मामले में ग्रैंड वेनिस ग्रुप पर शिकंजा

ग्रेटर नोएडा रियल एस्टेट घोटाला: सतिंदर सिंह भसीन ED की हिरासत में

लखनऊ : उत्तर प्रदेश के ग्रैंड वेनिस मॉल के मालिक और रियल एस्टेट कंपनी के प्रमोटर सतिंदर सिंह भसीन को प्रवर्तन निदेशालय ED ने धन शोधन मामले में गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई लंबे समय से चल रही जांच, समन की अनदेखी और कथित असहयोग के बाद की गई।

ED सूत्रों के अनुसार यह जांच धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत चल रही है। आरोपी को 29 मई को गिरफ्तार किया गया और उसके बाद गाजियाबाद की विशेष पीएमएलए अदालत में पेश किया गया जहां अदालत ने उसे 6 जून तक ईडी हिरासत में भेज दिया।

जांच एजेंसियों के मुताबिक ग्रैंड वेनिस ग्रुप और बीआईआईपीएल के खिलाफ उत्तर प्रदेश पुलिस में कई प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज हैं। आरोप है कि इन कंपनियों ने वाणिज्यिक यूनिट, ऑफिस स्पेस और रियल एस्टेट परियोजनाओं में निवेश के नाम पर बड़ी संख्या में खरीदारों और निवेशकों से करोड़ों रुपये जुटाए।

आरोपों के अनुसार निवेशकों को तय समय में संपत्ति देने का वादा किया गया था, लेकिन कई परियोजनाएं समय पर पूरी नहीं हुईं और खरीदारों को कब्जा नहीं मिला।

ईडी की जांच में यह भी सामने आया है कि निवेशकों से एकत्रित भारी राशि को वास्तविक रियल एस्टेट परियोजनाओं में उपयोग करने के बजाय समूह की विभिन्न सहयोगी कंपनियों और संबंधित संस्थाओं के माध्यम से अन्य जगहों पर कथित रूप से डायवर्ट किया गया। एजेंसी का कहना है कि यह धन कई परतों वाली जटिल वित्तीय संरचना के जरिए इधर-उधर किया गया।

जांच में यह भी आरोप सामने आया है कि सतिंदर सिंह भसीन लंबे समय से समन मिलने के बावजूद पेश नहीं हो रहे थे, जिससे जांच प्रभावित हो रही थी। इस स्थिति में सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश के बाद ईडी को उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ करने की अनुमति मिली, जिसके आधार पर यह गिरफ्तारी की गई।

इससे पहले भी ईडी ने कार्रवाई करते हुए पश्चिम दिल्ली के राजौरी गार्डन में स्थित आरोपी की एक लग्जरी संपत्ति को अस्थायी रूप से जब्त किया था जिसकी अनुमानित बाजार कीमत लगभग 44.06 करोड़ रुपये बताई गई है।

फिलहाल जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि निवेशकों का पैसा किन-किन खातों और संस्थाओं के जरिए कहां-कहां ट्रांसफर किया गया तथा इस कथित वित्तीय घोटाले में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।

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