इंदौरः सेंट्रल ब्यूरो ऑफ नारकोटिक्स (CBN) की मध्य प्रदेश इकाई ने इंदौर जिले में मेथामफेटामाइन यानी एमडी बनाने वाली एक अवैध प्रयोगशाला का भंडाफोड़ किया है और लगभग 51.992 किलोग्राम उच्च गुणवत्ता वाली एमडी ड्रग जब्त की है। यह जानकारी एक आधिकारिक विज्ञप्ति में दी गई।
यह कार्रवाई 13 फरवरी को शुरू हुई, जब सीबीएन नीमच को निजी बस में यात्रा कर रहे अज्ञात यात्रियों द्वारा सिंथेटिक ड्रग एमडी की ढुलाई के संबंध में विशेष खुफिया सूचना मिली। सूचना के आधार पर एक टीम गठित की गई और वह मंदसौर जिले की ओर रवाना हुई। संदिग्धों की बस को रोका गया और तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान दो यात्रियों की सीट से दो डिब्बे बरामद किए गए। जांच में पाया गया कि इन डिब्बों में उच्च शुद्धता वाली क्रिस्टल मेथामफेटामाइन के पांच पॉलिथीन पैकेट थे, जिनका कुल वजन 8.172 किलोग्राम था। दोनों व्यक्तियों ने प्रतिबंधित पदार्थ अपने पास होने की बात स्वीकार की और उन्हें हिरासत में ले लिया गया।
आगे की पूछताछ में पता चला कि अभियुक्त एमडी सीधे एक गुप्त निर्माण प्रयोगशाला से ला रहे थे। इसके बाद संदिग्ध लैब का पता लगाने के लिए एक अलग टीम गठित की गई। अभियुक्तों में से एक द्वारा दी गई विस्तृत जानकारी और स्थान के विवरण के आधार पर पता चला कि प्रयोगशाला इंदौर जिले के महू के पास स्थित है।
अगले दिन 14 फरवरी को इंदौर के महू तहसील के थावलाय गांव में संदिग्ध परिसर की पहचान की गई और स्थान अभियुक्तों द्वारा दिए गए विवरण से मेल खाता पाया गया। परिसर की विस्तृत तलाशी में अतिरिक्त 43.820 किलोग्राम उच्च गुणवत्ता वाली मेथामफेटामाइन और 261.320 किलोग्राम प्रीकर्सर रसायन तथा संबंधित पदार्थ बरामद किए गए। इस प्रकार इस अभियान में कुल बरामदगी 51.992 किलोग्राम एमडी तक पहुंच गई।
बाद में 15 फरवरी की सुबह गवर्नमेंट ओपियम एंड एल्कलॉइड वर्क्स के इंजीनियरों और रसायनविदों की चार सदस्यीय टीम मौके पर पहुंची और संयंत्र व मशीनरी को ध्वस्त कर जब्त कर लिया गया।
अब तक बस में यात्रा कर रहे दो व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। साथ ही, जिस मकान में यह अवैध प्रयोगशाला संचालित हो रही थी, उसके मालिक को भी कार्रवाई के दौरान हिरासत में लिया गया है। सिंथेटिक ड्रग के निर्माण और वितरण में शामिल व्यापक नेटवर्क की पहचान कर उसे ध्वस्त करने के लिए आगे की जांच जारी है।