नई दिल्ली : अन्य बच्चों की तरह ही पार्क में झूला झूलना चाहती थी वह लड़की। लेकिन ऐसा करने से पार्क के सुरक्षा कर्मियों ने रोका, ऐसा आरोप लगाया गया है। उस लड़की का अपराध यह है कि वह सिरेब्रल पाल्सी (Cerebral Palsy) से पीड़ित है। केवल इसी कारण से पांच साल की इनिका शर्मा को झूले पर नहीं बैठने दिया गया, ऐसा उसके माता-पिता ने आरोप लगाया।
यह घटना दिल्ली के निजामुद्दीन इलाके के सुंदर नर्सरी पार्क में हुई। घटना का वीडियो इनिका की मां मोना मिश्रा ने सोशल मीडिया पर साझा किया। वीडियो देखकर लोगों ने यह सवाल उठाया कि मानसिक रूप से अस्थिर बच्चे के साथ ऐसा व्यवहार क्यों किया गया।
ध्यान देने योग्य है कि निजामुद्दीन इलाके के एक हेरिटेज पार्क को नया रूप दिया गया है। वहीं इनिका को उसके पिता रमन शर्मा और मां लेकर गए थे। वह खुश हो जाए इसलिए उसे वहां ले गए थे, लेकिन वहां उन्हें जिस स्थिति का सामना करना पड़ा, इसकी उन्हों उम्मीद नहीं थी।
रमन का दावा है कि जब उनकी बेटी झूले पर बैठने की कोशिश कर रही थी, तो सुरक्षा कर्मियों ने रोक दिया। उन्होंने कहा कि “इसका दिमाग ठीक नहीं है” और उसे वहां से हटा दिया। इसी को लेकर रमन और सुरक्षा कर्मियों के बीच बहस भी हुई।
मोना कहती हैं कि ऐसी घटना हुई, यह मैं विश्वास नहीं कर पा रही हूं। सब कुछ देखकर मेरा दिल टूट गया। मोना का आरोप है कि उन्हें जोर-जबरदस्ती पार्क से बाहर निकाल दिया गया। हालांकि पार्क में मौजूद अन्य अभिभावक उनके समर्थन में खड़े हुए। उनके अनुसार इस घटना के बाद भी प्रशासन ने माफी नहीं मांगी। हालांकि उन्होंने इस बारे में कोई लिखित शिकायत नहीं दी।
लेकिन नर्सरी के प्रबंधन में जिम्मेदार आगा खान ट्रस्ट फॉर कल्चर की सीईओ रतीश नंदा का कहना है कि सुरक्षा कर्मियों के ऐसे व्यवहार के लिए लड़की के परिवार से माफी मांगी है। उनके अनुसार झूले पर उस बच्चे की सुरक्षा के लिए कर्मचारियों ने उसे बैठने से रोका। इस पार्क में बच्चों के साथ केवल एक ही अभिभावक को अंदर आने दिया जाता है। लेकिन उस लड़की को देखते हुए, उसके पिता और मां दोनों को अंदर आने की अनुमति दी गई थी। वे लगभग एक घंटे पार्क में रहे।