भोपाल: मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में एक के बाद एक तीन रहस्यमयी मौतें हुई। मृतकों में 23 वर्षीय खुशबू कठुरिया, उनके दादा और एक सुरक्षा गार्ड शामिल थे। इस घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी थी। इस रहस्य की परतें खोलते-खोलते सामने आया एक रोंगटे खड़े कर देने वाला हत्या का षड्यंत्र।
शुरुआत में पुलिस को लगा था कि तीनों की मौत भोजन में जहर मिलने से हुई है। लेकिन जांच में पता चला कि सुनियोजित तरीके से मिठाई में जहर मिलाकर हत्या की साजिश रची गई थी। और इसके पीछे खुशबू कठुरिया के ससुराल पक्ष के लोग शामिल थे।
घटना की शुरुआत
इस घटना की शुरुआत 9 जनवरी को हुई। छिंदवाड़ा के जुन्नारदेव इलाके में एक कार्यालय के सामने एक बैग टंगा हुआ देखा गया। उस बैग में कुछ सब्जियां और मिठाई का एक पैकेट था।
सबसे पहले वहां ड्यूटी पर तैनात सुरक्षा गार्ड दाशरू यादववंशी ने वह मिठाई खाई। जिसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई। 11 जनवरी को उनकी मौत हो गई। इसके बाद वही मिठाई का पैकेट खुशबू के परिवार ने उठा लिया। उस कार्यालय के पास ही उनकी दुकान थी। मिठाई खाने के बाद खुशबू और उनके 72 वर्षीय दादा की भी मौत हो गई।
चरम प्रतिशोध की आग
जांच में पुलिस को पता चला कि जनवरी 2024 में खुशबू की शादी हुई थी। शादी के बाद से ही खुशबू ने अपने ससुराल वालों पर प्रताड़ना के आरोप लगाए थे। इन आरोपों से खुशबू के ससुर झाड़ू कासार, देवर शुभम और ननद शिवानी खुद को अपमानित महसूस कर रहे थे।
तीनों ने मिलकर उस अपमान का बदला लेने के लिए खुशबू को पूरे परिवार सहित खत्म करने की योजना बनाई। उन् लोगों ने ही आर्सेनिक जहर मिली मिठाई का वह पैकेट खुशबू के घर के पास रख दिया था।
फॉरेंसिक रिपोर्ट में सामने आया है कि उस मिठाई में सामान्य मात्रा से कम से कम एक हजार गुना अधिक आर्सेनिक मिलाया गया था। इसके बाद पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। उनके पास से अपराध में इस्तेमाल की गई एक मोटरसाइकिल और कई मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं। भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) के तहत तीनों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है।