बेंगलुरु: करीब छह महीने पहले नई कार खरीदी गई थी। माता-पिता बेटे को कार चलाने देने से डरते थे। परीक्षा नजदीक थी और उन्हें आशंका थी कि कहीं कोई हादसा न हो जाए। वही डर सच साबित हुआ। बिना किसी को बताए अयन नामक छात्र घर से चुपचाप कार की चाबी लेकर दोस्तों के साथ घूमने निकल गया। उसके साथ फरहान, भरत और अश्विन भी थे। योजना थी कि तड़के निकलकर हाईवे किनारे कहीं बिरयानी खाकर सुबह होने से पहले घर लौट आएंगे लेकिन तेज रफ्तार और अनुभव की कमी ने छह जिंदगियां छीन लीं।
शुक्रवार तड़के बेंगलुरु के एम सत्यवड़ा गांव के पास होसाकोटे-देवासपेट हाईवे पर भीषण दुर्घटना हुई। अयन ने नियंत्रण खो दिया और पहले एक बाइक को टक्कर मारी, फिर आगे जाकर एक मालवाहक ट्रक से जा भिड़ा। इस भीषण हादसे में चालक अयन समेत कुल छह लोगों की मौत हो गई।हादसे के बाद पुलिस ने शवों को स्थानीय अस्पताल पहुंचाया और परिवारों को सूचना दी। सुबह करीब 11 बजे जब फोन आया तो अयन के परिवार को यकीन नहीं हुआ क्योंकि रात भर पढ़ाई करने के बाद वह सोने गया था। पुलिस का अनुमान है कि मां के सो जाने के बाद उसने चुपचाप कार की चाबी ली और निकल गया।
परिवार के अनुसार, अयन कार चलाना जानता था लेकिन पिता उसे स्टेयरिंग नहीं पकड़ने देते थे। उन्हें डर था कि कम उम्र में तेज रफ्तार से गाड़ी चलाने पर दुर्घटना हो सकती है। परीक्षा भी नजदीक थी इसलिए वे उस पर नजर रखते थे। फरहान के परिवार को भी अस्पताल से सूचना मिली। शुक्रवार तड़के जब वह घर से निकला तो मां ने पूछा था कि इतनी सुबह कहां जा रहा है। उसने कहा था कि दस मिनट में लौट आएगा। इसके बाद परिवार ने कई बार फोन किया लेकिन कोई जवाब नहीं मिला।
भरत के परिवार को भी इस योजना की जानकारी नहीं थी हालांकि उसकी बहन ने बताया कि उसने एक बार सुबह दोस्तों के साथ बिरयानी खाने जाने की बात कही थी। अश्विन नायर की मां को इस आउटिंग की जानकारी थी और उन्होंने उसे जाने से मना भी किया था। गुरुवार रात तीन बार उठकर उन्होंने बेटे के कमरे में देखा। पहली दो बार वह कमरे में था लेकिन तीसरी बार नहीं मिला। इसके बाद उन्होंने फोन करना शुरू किया, मगर बेटे ने फोन नहीं उठाया।