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सोशल मीडिया पर प्रोफाइल के लिए लेनी होगी अनुमति, Do’s and Don’ts के साथ सख्त निर्देश सरकारी कर्मचारियों के लिए

सरकारी कर्मचारी किस तरह की सामग्री पोस्ट या शेयर कर सकते हैं, इसे लेकर भी स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।

By देवदीप चक्रवर्ती, Posted by: प्रियंका कानू

Jan 30, 2026 21:42 IST

पटना: बिहार सरकार ने सरकारी कर्मचारियों के लिए सोशल मीडिया उपयोग को लेकर नई गाइडलाइन जारी की है। किसी भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अकाउंट या प्रोफाइल खोलने से पहले कर्मचारियों के लिए अपने वरिष्ठ अधिकारी या विभागाध्यक्ष से अनुमति लेना अनिवार्य कर दिया गया है। बिहार कैबिनेट ने सरकारी कर्मचारियों के लिए फेसबुक, एक्स, इंस्टाग्राम और यूट्यूब जैसे प्लेटफॉर्म के उपयोग से संबंधित नई नियमावली को मंजूरी दे दी है। जानकारी के अनुसार, अकाउंट या प्रोफाइल खोलने के लिए अनुमति लेने के साथ-साथ कर्मचारी ऑनलाइन व्यक्तिगत पोस्ट साझा करते समय अपने सरकारी पद का नाम, सरकारी लोगो या पद से जुड़ा कोई भी प्रतीक इस्तेमाल नहीं कर सकेंगे।

इन नियमों में यह भी स्पष्ट किया गया है कि सरकारी कर्मचारी किस तरह की सामग्री पोस्ट या शेयर कर सकते हैं। अश्लील, आपत्तिजनक, भड़काऊ या सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वाली किसी भी सामग्री को पोस्ट करने पर प्रतिबंध रहेगा। किसी जाति, धर्म, समुदाय या व्यक्ति को लक्षित कर की गई पोस्ट पूरी तरह निषिद्ध है। कर्मचारियों को सरकारी बैठक, सरकारी कार्यक्रम या कार्यालय से जुड़ी तस्वीरें या वीडियो साझा करने को लेकर भी सतर्क किया गया है, खासकर तब जब वह सामग्री संवेदनशील या गोपनीय हो। इसके अलावा सोशल मीडिया पर सरकार के आंतरिक मामलों से जुड़ी किसी भी तरह की पोस्ट या टिप्पणी करने से बचने के निर्देश दिए गए हैं।

यहीं बात खत्म नहीं होती। दिशा-निर्देश का एक अहम हिस्सा राजनीतिक निष्पक्षता से जुड़ा है। सरकारी कर्मचारियों को अपने प्रोफाइल पर सरकारी नीतियों, फैसलों या वरिष्ठ अधिकारियों की सार्वजनिक आलोचना से बचने को कहा गया है। नियमों में यह भी साफ तौर पर उल्लेख किया गया है कि यौन उत्पीड़न के पीड़ितों की पहचान उजागर करना या किसी व्यक्ति की संवेदनशील व्यक्तिगत जानकारी साझा करने पर सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। इन निर्देशों के उल्लंघन पर विभागीय जांच, दंडात्मक कार्रवाई और नौकरी से जुड़े गंभीर परिणाम हो सकते हैं।

हालांकि बिहार सरकार का कहना है कि सरकारी कर्मचारियों की सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर बार-बार विवाद सामने आए हैं, जो राज्य प्रशासन के लिए आपत्तिजनक हैं और इससे कानून-व्यवस्था पर भी सवाल खड़े होते हैं। सरकार का उद्देश्य सोशल मीडिया के उपयोग पर प्रतिबंध लगाना नहीं है बल्कि डिजिटल दुनिया में अनुशासन, जिम्मेदारी और मर्यादा सुनिश्चित करना है।

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