बेगूसराय : मासिक धर्म से जुड़ी समस्याओं को खत्म करने के उद्देश्य से बिहार के बेगूसराय जिले के दो स्कूलों में सेनेटरी पैड डिस्पेंसर और इन्सिनरेटर मशीनें लगाई गई हैं। यह पहल संगिनी कार्यक्रम के तहत की गई है। जिसका उद्देश्य किशोरियों को सशक्त बनाना तथा बेगूसराय को मासिक स्वच्छता के क्षेत्र में एक आदर्श जिला बनाना है।
यह परियोजना गैर-लाभकारी संस्था नोबा जीएसआर (नेटारहाट ओल्ड बॉयज एसोसिएशन – ग्लोबल सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी) द्वारा चलाई जा रही है, जिसे पीटीआई का सहयोग प्राप्त है। इसका उद्देश्य ग्रामीण स्कूलों में मासिक स्वच्छता प्रबंधन सुनिश्चित करना है, ताकि लड़कियों को पीरियड्स के कारण पढ़ाई से वंचित न होना पड़े।
अनुसार नोबा जीएसआर के अनुसार संगिनी मासिक स्वच्छता कार्यक्रम के तहत उत्क्रमित माध्यमिक विद्यालय फुलवरिया-2 और राजकीय मध्य विद्यालय, रतौली में ये मशीनें स्थापित की गई हैं।
पीटीआई के सहयोग से बेगूसराय जिले के विभिन्न स्कूलों में कुल 12 सेनेटरी पैड डिस्पेंसर और इन्सिनरेटर लगाए गए हैं। इस पहल से अब तक देशभर में 2 लाख से अधिक लड़कियों को लाभ मिल चुका है।
नोबा जीएसआर के सह-संस्थापक विकास रंजन ने बताया कि संस्था ने बेगूसराय को पीरियड पावर्टी मुक्त जिला बनाने का संकल्प लिया है। संस्था के कोर ग्रुप प्रमुख राधेश्याम सिंह ने कहा कि स्वच्छता और शिक्षा एक-दूसरे से जुड़ी हुई हैं। नोबा जीएसआर का यह कदम सराहनीय है क्योंकि इससे मासिक धर्म के दौरान लड़कियों की स्कूल से अनुपस्थिति की समस्या खत्म होगी।
उन्होंने बताया कि इस तरह की पहल से छात्राओं के स्वास्थ्य में सुधार होगा और उनका आत्मविश्वास भी बढ़ेगा।
राधेश्याम सिंह ने कहा कि हमारा लक्ष्य है कि कोई भी छात्रा मासिक धर्म के कारण शिक्षा से वंचित न रहे। डिस्पेंसर मशीनों से उन्हें आसानी से सेनेटरी पैड मिलेंगे और इन्सिनरेटर के जरिए इस्तेमाल किए गए पैड का सुरक्षित निपटान हो सकेगा। उन्होंने जानकारी दी कि अब तक बेगूसराय जिले में 107 मशीनें लगाई जा चुकी हैं जबकि पूरे देश में यह संख्या 800 से अधिक हो गई है।
नोबा जीएसआर की ओर से जारी बयान में स्कूल प्रशासन ने कहा कि ये सुविधाएं छात्राओं के स्वास्थ्य, स्वच्छता और सुरक्षा के लिहाज से बेहद लाभकारी साबित होंगी।