पटना : राष्ट्रीय जनता दल ने बुधवार को बिहार में महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराध के विरोध में पटना में एक विरोध मार्च निकाला। पार्टी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और गृह विभाग संभाल रहे उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के इस्तीफे की मांग की।
पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार यह मार्च उस घटना के कुछ दिन बाद निकाला गया, जब पटना के अलग-अलग छात्रावासों में दो छात्राओं की मौत हो गई थी। उनमें एक 18 वर्षीय नीट की तैयारी कर रही छात्रा और एक स्कूली छात्रा थी।
आरजेडी महिला प्रकोष्ठ की सदस्य हाथों में पोस्टर और चूड़ियां लेकर वीरचंद पटेल रोड स्थित पार्टी कार्यालय से इनकम टैक्स चौराहे तक मार्च करती रहीं। उन्होंने महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराध को लेकर मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग करते हुए नारे लगाए।
आरजेडी महिला प्रकोष्ठ की प्रदेश अध्यक्ष अनीता भारती ने कहा कि बिहार में महिलाओं के खिलाफ अपराध लगातार बढ़ रहे हैं। सरकार इन्हें रोकने में पूरी तरह विफल रही है। एनडीए शासन में कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। अपराधियों और माफियाओं को संरक्षण दिया जा रहा है।
यह बेहद चौंकाने वाली बात है कि राजधानी पटना में भी महिलाएं और बेटियां सुरक्षित नहीं हैं। असंवेदनशील मुख्यमंत्री को इस्तीफा देना चाहिए।
18 वर्षीय नीट अभ्यर्थी जहानाबाद की रहने वाली थी। वह अपने हॉस्टल के कमरे में बेहोशी की हालत में मिली थी। कई दिनों तक कोमा में रहने के बाद 11 जनवरी को एक निजी अस्पताल में उसकी मौत हो गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यौन शोषण की संभावना से इनकार नहीं किया गया है।दूसरी छात्रा औरंगाबाद की रहने वाली थी। वह भी 11 जनवरी को ही पटना के एक अन्य हॉस्टल में मृत पाई गई।
इस बीच बिहार राज्य महिला आयोग ने पटना के जिला अधिकारी से राजधानी में लड़कियों के हॉस्टलों के पंजीकरण से जुड़े नियमों और दिशा-निर्देशों की जानकारी मांगी है।
महिला आयोग की अध्यक्ष अप्सरा ने कहा कि पटना के छात्रावासों से जुड़ी हाल की घटनाएं चिंता का विषय हैं। मैंने पटना डीएम को पत्र लिखकर लड़कियों के हॉस्टलों से संबंधित नियमों की जानकारी मांगी है। यह जांच जरूरी है कि नियमों का पालन हो रहा है या नहीं।