नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 134वें संस्करण में भारत के उभरते एथलीटों की उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि देश के खिलाड़ी लगातार नए कीर्तिमान स्थापित कर रहे हैं और यह भारत की बढ़ती खेल क्षमता का प्रमाण है।
प्रधानमंत्री ने झारखंड की राजधानी रांची में आयोजित 29वीं राष्ट्रीय सीनियर एथलेटिक्स फेडरेशन कप 2026 का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इस प्रतियोगिता में देशभर से लगभग 800 एथलीटों ने हिस्सा लिया और प्रतियोगिता के दौरान चार अलग-अलग स्पर्धाओं में राष्ट्रीय रिकॉर्ड टूटे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “कुछ दिन पहले झारखंड के रांची में राष्ट्रीय सीनियर एथलेटिक्स फेडरेशन प्रतियोगिता आयोजित हुई थी। इसमें देशभर से लगभग 800 खिलाड़ियों ने भाग लिया। इस प्रतियोगिता के दौरान चार अलग-अलग स्पर्धाओं में राष्ट्रीय रिकॉर्ड बने। गुरिंदरवीर सिंह, विशाल टीके, तेजस्विन शंकर, देव मीणा और कुलदीप कुमार ने विभिन्न वर्गों में नए राष्ट्रीय रिकॉर्ड स्थापित किए हैं। सबसे पहले मैं इन सभी खिलाड़ियों को बधाई देता हूं।”
प्रतियोगिता के सबसे चर्चित प्रदर्शन में से एक पंजाब के धावक गुरिंदरवीर सिंह का रहा। 25 वर्षीय धावक 100 मीटर दौड़ को 10.10 सेकंड से कम समय में पूरा करने वाले पहले भारतीय पुरुष एथलीट बन गए। उन्होंने फाइनल में 10.09 सेकंड का समय निकालते हुए नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड कायम किया।
यह उपलब्धि एक बेहद रोमांचक मुकाबले के बाद आई। गुरिंदरवीर ने पहले सेमीफाइनल में 10.17 सेकंड का समय निकाला था। इसके बाद दूसरे सेमीफाइनल में अनीमेष कुजूर ने 10.15 सेकंड का समय दर्ज कर राष्ट्रीय रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। हालांकि फाइनल में गुरिंदरवीर ने शानदार वापसी करते हुए 10.09 सेकंड के समय के साथ रिकॉर्ड दोबारा अपने नाम कर लिया।
इस प्रदर्शन के साथ उन्होंने 2026 राष्ट्रमंडल खेलों और एशियाई खेलों के लिए भी क्वालीफाई कर लिया। उनका यह समय इस सत्र में एशिया के सबसे तेज प्रदर्शनों में भी शामिल हो गया है।पुरुषों की 400 मीटर दौड़ में भी इतिहास रचा गया। विशाल थेन्नारासु कयालविझी 45 सेकंड की बाधा को पार करने वाले पहले भारतीय एथलीट बने। उन्होंने 44.98 सेकंड का समय निकालते हुए स्वर्ण पदक जीता और नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड अपने नाम किया।
विशाल का यह प्रदर्शन उन्हें एशिया की मौसमी रैंकिंग में शीर्ष स्थान तक ले गया। भारतीय एथलेटिक्स में 400 मीटर दौड़ की समृद्ध परंपरा में इस उपलब्धि को एक नया अध्याय माना जा रहा है। उनकी इस सफलता के बाद उनके परिवार और कोचिंग स्टाफ ने भावुक होकर खुशी व्यक्त की।
डेकाथलॉन स्पर्धा में तेजस्विन शंकर ने भी शानदार प्रदर्शन जारी रखा। ऊंची कूद विशेषज्ञ के रूप में पहचान बनाने वाले तेजस्विन अब बहु-प्रतिस्पर्धी खिलाड़ी के रूप में भी लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहे हैं।
उन्होंने कुल 8,057 अंक अर्जित कर डेकाथलॉन में 8,000 अंकों का आंकड़ा पार करने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बनने का गौरव हासिल किया। इस प्रदर्शन के साथ उन्होंने अपना ही राष्ट्रीय रिकॉर्ड बेहतर किया। प्रतियोगिता के दौरान उन्होंने चार स्पर्धाओं में व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन भी दर्ज किया।
पुरुषों की पोल वॉल्ट स्पर्धा में भी नया इतिहास बना। कुलदीप कुमार और देव मीणा ने संयुक्त रूप से राष्ट्रीय रिकॉर्ड अपने नाम किया। रांची के बिरसा मुंडा स्टेडियम में आयोजित इस स्पर्धा में दोनों खिलाड़ियों ने 5.45 मीटर की ऊंचाई पार की।
प्रतियोगिता बेहद रोमांचक रही और बढ़त कई बार बदलती रही। सबसे पहले देव मीणा ने 5.42 मीटर की छलांग लगाकर कुलदीप कुमार के 5.41 मीटर के पुराने राष्ट्रीय रिकॉर्ड को पीछे छोड़ा। इसके तुरंत बाद कुलदीप ने 5.45 मीटर की सफल छलांग लगाकर नया रिकॉर्ड बनाया। बाद में देव मीणा ने भी इसी ऊंचाई को पार कर लिया, जिसके बाद दोनों संयुक्त राष्ट्रीय रिकॉर्डधारक बन गए।
रांची में आयोजित फेडरेशन कप में लगभग 800 एथलीटों ने भाग लिया। प्रतियोगिता को अब तक के सबसे सफल संस्करणों में से एक माना जा रहा है। खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन और लगातार टूटते राष्ट्रीय रिकॉर्डों ने भारतीय एथलेटिक्स के उज्ज्वल भविष्य की नई तस्वीर पेश की है।