पाकिस्तान ने जब भारत के खिलाफ मैच ब्वॉयकट की घोषणा की थी, तब 1983 की विश्व विजेता टीम इंडिया के सदस्य कृष्णमाचारी श्रीकांत ने कहा था, 'खेलने की जरूरत नहीं है, खेलेंगे तो हारेंगे'। अनुभवी सीनियर खिलाड़ी की सलाह न मानने का परिणाम भुगत रहा है पाकिस्तान। विश्व कप के मेगा मैच में भारत ने पाकिस्तान को 61 रनों से पटखनी दे दी है।
इस जीत के साथ ही सुपर 8 में शामिल होने वाली दूसरी टीम बन गयी है। मैदान के बाहर भले ही पाकिस्तान ने जितनी भी गीदड़ भभकी दी हो लेकिन मैदान पर उनकी हालत में कोई बदलाव नहीं हुआ।
T-20 विश्वकप में दो टीमों की हेड टू हेड लड़ाई में भारत 8-1 से बढ़त हासिल कर ली है।
अच्छी शुरुआत न होने के बावजूद भारत ने धो डाला
पाकिस्तान के कप्तान सलमान अली आगा ने टॉस जीतकर पहले फील्डिंग करने का फैसला किया। उनकी योजना फ्रेश पिच पर भारत को स्पिन के जाल में फंसाने की थी। हालांकि उन्होंने कुछ ऐसा किया भी। सलमान अली आगा ने खुद इसकी शुरुआत की। इसके बाद वह एक के बाद एक स्पिनर्स लाते रहे। शाहीन अफरीदी अकेले पेसर थे। हालांकि स्पिनर्स लाने के बाद भी पाकिस्तान कुछ नहीं कर पाया।
ANI पहले बैटिंग करने उतरी टीम इंडिया को धीमी पिच पर अच्छी शुरुआत नहीं मिली। अभिषेक शर्मा पहले ओवर की आखिरी बॉल पर बड़ा शॉट खेलने के चक्कर में आउट हो गए। वह रन नहीं बना पाए। हालांकि उनके रन न बनाने से भारत को कोई फर्क नहीं पड़ा क्योंकि ईशान किशन क्रीज पर थे। अभिषेक शर्मा के लौटने के बाद ईशान किशन ने टीम की कमान संभाली।
उन्होंने धीमी पिच पर एक के बाद एक बड़े शॉट खेले और टीम के रन आगे बढ़ाए। वहीं तिलक वर्मा ने दूसरे एंड से उनका साथ दिया। ईशान किशन और तिलक वर्मा की पार्टनरशिप में 87 रन बने। इसमें से ईशान ने 76 और तिलक वर्मा ने महज 11 रन ही बनाए। सैम अयूब की स्पिन और पेस को न समझ पाने की वजह से ईशान किशन 77 रन बनाकर आउट हो गए। इसके बाद सूर्यकुमार यादव और तिलक वर्मा की पार्टनरशिप हुई। यह पार्टनरशिप 38 रन की हुई।
ईशान किशन के 40 बॉल पर 77 रन बनाकर आउट होने के बाद रनों की रफ्तार थोड़ी धीमी हो गई। तिलक वर्मा ने 24 बॉल पर 25 रन बनाए। सूर्य कुमार यादव ने 29 बॉल पर 32 रन बनाए। हार्दिक पांड्या ने निराश किया। वह पहली बॉल पर छक्का लगाकर आउट हो गए। आखिर में शिवम दुबे और रिंकू सिंह उतरे और टीम का स्कोर 175 तक पहुंचाया।
पाकिस्तान ने इस मैच में स्पिन बॉलिंग पर फोकस किया था और वे कामयाब भी हुए। सैम अयूब ने तीन विकेट लिए। सलमान अली आगा, उस्मान तारिक और शाहीन अफरीदी ने एक-एक विकेट लिया।
ANI मुश्किलों से उबर नहीं सकी पाकिस्तान की टीम
पाकिस्तान ने शुरुआत में ही मुश्किलों का सामना किया। हार्दिक पांड्या ने साहिबजादा फरहान को पहले ही ओवर में आउट कर दिया। उन्होंने पहले ओवर में एक मेडन ओवर फेंका। उसके बाद जसप्रीत बुमराह ने दूसरे ओवर में दो विकेट लिए। सैम अयूब और सलमान अली आगा वापस लौटे। पाकिस्तान के पहले तीन बल्लेबाजों के कुल रन 10 थे। जिस बल्लेबाज ने सबसे ज्यादा रन बनाए वह 6 थे। उसके बाद बाबर आजम 5 रन बनाकर वापस लौट गए।
इस मैच में भी बाबर ने अपने ही मूड में बैटिंग की। उन्होंने सिर्फ 5 रन बनाने के लिए सात गेंदें खेली। वह T-20 में अपने टेस्ट मूड से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं। हालांकि उस्मान खान ने पाकिस्तान के लिए कुछ रन बनाने की कोशिश की। उन्होंने 34 गेंदों पर 44 रन बनाए। उस्मान खान और शादाब खान की पार्टनरशिप में 39 रन बने।
इसके अलावा कोई और पार्टनरशिप नहीं जम सकी। पाकिस्तान के हर विकेट के पीछे बड़े शॉट खेलने की आदत है। धीमी पिच पर गेंद रुककर आ रही है, भारतीय गेंदबाजों ने और भी धीमी बॉलिंग की जिससे पाकिस्तान जूझ नहीं पाया। 78 रन पर 7 विकेट गिरने के साथ ही मैच का खत्म होना बस एक औपचारिकता रह गयी थी। हालांकि भारत ने ऐसा करने में कोई देर नहीं की।
तय ओवर भी नहीं खेल पायी
तय 20 ओवर में से मात्र 18 ओवर खेलकर ही पाकिस्तान की पूरी टीम 114 रन आउट हो गयी। भारत के लिए हार्दिक पांड्या, जसप्रीत बुमराह, अक्षर पटेल, वरुण चक्रवर्ती ने दो-दो विकेट लिए। कुलदीप यादव और तिलक वर्मा ने एक-एक विकेट लिया। रिंकू सिंह अकेले ऐसे खिलाड़ी थे जिन्हें विकेट नहीं मिला। हालांकि अगर तिलक वर्मा और कुलदीप यादव ने दो कैच नहीं छोड़े होते तो पाकिस्तान इतना रन भी नहीं बना पाता।