नयी दिल्लीः भारतीय क्रिकेट टीम के हेड कोच गौतम गंभीर गुरुद्वारे पहुंचे। गंभीर उस वक्त गुरुद्वारे में मत्था टेकने पहुंचे, जब 2026 टी20 वर्ल्ड ट्रॉफी को मंदिर में ले जाने पर विवाद छिड़ा हुआ है। टीम इंडिया के पूर्व क्रिकेटर और तृणमूल कांग्रेस के सांसद कीर्ति आजाद ने ट्रॉफी को मंदिर ले जाने पर सवाल खड़ा किया था।
बता दें कि भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव और कोच गौतम गंभीर टी20 विश्व कप का खिताब जीतने के बाद ट्रॉफी के साथ अहमदाबाद में स्थित हनुमान मंदिर पहुंचे थे। इसके बाद कीर्ति आजाद ने बात की थी।
क्या बोले थे कीर्ति आजाद ?
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट शेयर करते हुए कीर्ति आजाद ने कहा था कि हम 1983 में कपिल देव की कप्तानी में वर्ल्ड कप जीते थे। हमारी टीम में हिंदू, मुस्लिम, सिख और ईसाई सब थे। हम ट्रॉफी को अपनी धार्मिक जन्मभूमि, अपनी मातृभूमि भारत हिंदुस्तान में लेकर आए थे। आखिर ट्रॉफी को क्यों घसीटा जा रहा है ? मस्जिद क्यों नहीं ? चर्च क्यों नहीं ? गुरुद्वारा क्यों नहीं ? यह टीम भारत का प्रतिनिधित्व करती है- सूर्यकुमार यादव या जय शाह के परिवार का नहीं!
कीर्ति आजाद की पोस्ट के बाद कई दिग्गजों के रिएक्शन आए थे। खुद गंभीर ने भी उनके बयान पर रिएक्ट करते हुए कहा था कि आप ऐसे बयान देकर अपने खिलाड़ियों का आपमान कर रहे हैं। इसके अलावा गंभीर ने कहा था कि वैसे तो इस सवाल का जवाब देना भी ठीक नहीं है।
विवाद के बीच दिल्ली के इस गुरुद्वारे पहुंचे गंभीर
गंभीर गुरुवार को दिल्ली में स्थित श्री रकाब गंज साहिब पहुंचे, जिसका वीडियो भी सामने आया। वीडियो में देखा जा सकता है कि गंभीर अपना सिर ढके हुए नजर आए। गंभीर की इस वीडियो से वाकई कई लोगों की बोलती बंद हो गई होगी।
फाइनल में न्यूजीलैंड को हराया
गौरतलब है कि टी20 वर्ल्ड कप का फाइनल भारत और न्यूजीलैंड के बीच खेला गया था। मुकाबले में टीम इंडिया ने 96 रनों से जीत अपने खाते में डालते हुए तीसरी बार टी20 विश्व कप का खिताब अपने नाम किया था। भारत टी20 वर्ल्ड कप जीतने वाला पहला देश बन गया।