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सरकार बनाने के 1 साल के अंदर लागू होगा घाटाल मास्टर प्लान : अमित शाह

लंबे समय तक टालमटोल और केंद्र व राज्य के बीच लंबी खींचतान के बीच यह अभी तक लागू नहीं हो सका है। अब इसे लेकर अमित शाह ने तृणमूल कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला किया।

By Abhirup Datta, Moumita Bhattacharya

Apr 10, 2026 19:53 IST

डेबरा में चुनावी सभा को संबोधित करते हुए अमित शाह ने घाटाल मास्टर प्लान को लेकर बड़ा आश्वासन दिया। पश्चिम मिदनापुर में घाटाल महकमा में हर साल बाढ़ जैसी परिस्थिति पैदा हो जाती है। इस समस्या का समाधान करने के लिए लंबे समय पहले ही स्थानीय निवासियों ने घाटाल मास्टर प्लान की मांग की थी। लंबे समय तक टालमटोल और केंद्र व राज्य के बीच लंबी खींचतान के बीच यह अभी तक लागू नहीं हो सका है। अब इसे लेकर अमित शाह ने तृणमूल कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला किया।

अमित शाह ने दावा किया कि मास्टर प्लान का प्रस्ताव उन्होंने भेजा था। अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 1500 करोड़ रुपए के मास्टर प्लान का प्रस्ताव भेजा था। उस परियोजना का 60 प्रतिशत आवंटन भी पीएम मोदी देना चाहते थे लेकिन तृणमूल ने ही समस्याएं बनाना शुरू कर दिया।

शाह ने आश्वासन देते हुए कहा कि सत्ता में आने के 1 साल के अंदर घाटाल मास्टर को लागू कर बाढ़ की समस्या को खत्म किया जाएगा। उनका आरोप है कि 26 मिलियन क्यूबिक मीटर दलदल रुपनारायण नदी में जमा हुआ है लेकिन उस तरफ ममता बनर्जी कोई ध्यान नहीं दे रही है।

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घाटाल मास्टर प्लान कई दशकों पुराना है। पिछले लोकसभा चुनाव से पहले सांसद देव ने कई बार सवाल उठाया था। ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी से घाटाल के मास्टर प्लान बनाने को लेकर आश्वासन मिलने के बाद वह चुनाव में फिर से खड़े हुए।

वर्ष 1982 में तत्कालीन वाम सरकार के कार्यकाल में घाटाल मास्टर प्लान की आधारशिला रखी गई थी। उसके बाद से यह काम विभिन्न अड़चनों में फंसा रहा। दरअसल, यह मास्टर प्लान पूर्व और पश्चिम मेदिनीपुर के 12 ब्लॉकों और 5 शहरी क्षेत्रों को मिलाकर बना है। केंद्र और राज्य के बीच कई बार बातचीत होने के बावजूद यह काम आगे नहीं बढ़ सका। राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद इस मुद्दे पर फिर से चर्चा शुरू हुई। संसद में भी इस विषय को घाटाल से तृणमूल सांसद देव ने उठाया था।

इसके बाद 2017 में स्वीकृति की प्रक्रिया पूरी हो गई, लेकिन धन आवंटन के स्तर पर आकर यह अटक गया। फिर 2022 में केंद्र ने लगभग 1500 करोड़ रुपये की मंजूरी दी, लेकिन उसके बाद भी यह परियोजना आगे नहीं बढ़ सकी।

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इसके बाद 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले ममता बनर्जी ने घाटाल मास्टर प्लान को लेकर आश्वासन दिया था। 2025 के राज्य बजट में इस परियोजना के लिए 1500 करोड़ रुपये आवंटित किए गए। साथ ही तीन साल के भीतर काम पूरा करने का लक्ष्य भी रखा गया था। लेकिन इस परियोजना को लेकर जमीन से जुड़ी समस्याएं अब भी बनी हुई हैं। हाल ही में घाटाल में पार्टी उम्मीदवार के समर्थन में प्रचार करने पहुंचे देव ने कहा कि यह परियोजना एक दिन में पूरी होने वाली नहीं है, लेकिन यह जरूर पूरी होगी।

शुक्रवार को घाटाल मास्टर प्लान को लेकर अमित शाह ने बड़ा आश्वासन दिया।

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