तेलंगानाः हैदराबाद में शुक्रवार को तेलंगाना पुलिस के सामने 42 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया, जिसमें पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (PLGA) बटालियन के एक कमांडर सहित कई महत्वपूर्ण कैडर शामिल रहे। आत्मसमर्पण के दौरान माओवादियों ने कुल 36 हथियार भी पुलिस को सौंपे।
पुलिस महानिदेशक (DGP) बी. शिवधर रेड्डी के अनुसार, आत्मसमर्पण करने वालों में 11 सदस्य तेलंगाना स्टेट कमेटी (TSC) से जुड़े थे, जिसके बाद इस संगठनात्मक ढांचे का राज्य में प्रभाव समाप्त हो गया है। आत्मसमर्पण किए गए हथियारों में 5 AK-47 राइफलें, 4 SLR राइफलें, 2 देशी ग्रेनेड और 1,007 राउंड गोलियां शामिल हैं। इसके साथ ही 800 ग्राम सोना भी पुलिस को सौंपा गया।
डीजीपी ने बताया कि PLGA बटालियन के प्रमुख कैडरों के हथियार डालने के बाद इसका सशस्त्र नेटवर्क लगभग समाप्त हो गया है। उन्होंने कहा कि राज्य में अब CPI (माओवादी) की सशस्त्र उपस्थिति नहीं बची है। उन्होंने यह भी बताया कि वर्ष 2024 से 2026 के बीच अब तक 761 माओवादी कैडर आत्मसमर्पण कर चुके हैं, जबकि केवल 2026 में ही 205 कैडर मुख्यधारा में लौटे हैं।
सरकार की पुनर्वास नीति के तहत आत्मसमर्पण करने वालों को आर्थिक सहायता दी जा रही है। अब तक उन्हें कुल 1.93 करोड़ रुपये की इनामी राशि भी वितरित की जा चुकी है। डीजीपी ने कहा कि आत्मसमर्पण करने वाले कैडरों के स्वास्थ्य और पुनर्वास की व्यवस्था की जा रही है, साथ ही हेल्थ कार्ड जारी करने की प्रक्रिया भी जारी है।