जम्मू: जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा है कि केंद्र शासित प्रदेश में अब बंद पड़े पर्यटन स्थलों को फिर से खोलने का समय आ गया है। उन्होंने बताया कि इस मुद्दे पर वे गृह मंत्री अमित शाह से उनकी आगामी जम्मू-कश्मीर यात्रा के दौरान चर्चा करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले साल अप्रैल में पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद कई पर्यटन स्थल बंद कर दिए गए थे, जिनमें से कुछ अब भी बंद हैं। हालांकि सितंबर में एक दर्जन से अधिक स्थलों को फिर से खोला गया था। सरकार इस विषय पर पहले से ही केंद्र सरकार के साथ बातचीत कर रही है।
पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, उमर अब्दुल्ला ने बताया कि पर्यटन से जुड़े नियम वर्ष 1978 से चले आ रहे हैं, जिन्हें अब सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने की प्रक्रिया शुरू की गई है। पंजीकरण और नवीनीकरण व्यवस्था को ऑनलाइन किया गया है और इसे 30 दिनों के भीतर पूरा करने का प्रावधान है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यटन क्षेत्र जम्मू-कश्मीर में युवाओं के लिए रोजगार का बड़ा साधन है। पर्यटन कार्यक्रमों, उत्सवों, होमस्टे, होटल, परिवहन और अन्य सेवाओं के जरिए स्थानीय लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिल रहा है।
उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि मौजूदा प्रक्रिया अभी जटिल है और इसमें सुधार की जरूरत है। सरकार इसे पूरी तरह सरल और पारदर्शी बनाने के लिए काम कर रही है। सके अलावा, सरकार रामबन जिले के कई इलाकों को नए पर्यटन स्थलों के रूप में विकसित करने पर विचार कर रही है। वित्त वर्ष 2025-26 में बनिहाल-गूल क्षेत्र में पर्यटन ढांचे के विकास के लिए 117.27 लाख रुपये आवंटित किए गए हैं।