शिलांगः मेघालय के पूर्व जयंतिया पहाड़ियों के ताशखाई इलाके में एक भीषण विस्फोट से दहशत फैल गई। वहाँ स्थित एक कोयला खदान में ज़ोरदार धमाके से कम से कम 10 मज़दूरों की मौत हो गई है। एक मज़दूर घायल हुआ है, जिसे शिलांग अस्पताल में भर्ती कराया गया है। आशंका है कि खदान के भीतर अभी भी कई लोग फँसे हुए हैं। बचाव कार्य शुरू कर दिया गया है और मेघालय पुलिस मौके पर पहुँच रही है।
प्राथमिक जानकारी के अनुसार विस्फोट खदान के अंदर ही हुआ। उस समय खदान में बड़ी संख्या में मज़दूर मौजूद थे। पुलिस अधीक्षक विकास कुमार ने बताया कि विस्फोट के समय खदान के भीतर कितने मज़दूर थे, यह अभी स्पष्ट नहीं है। ऐसे में मृतकों और घायलों की संख्या बढ़ने की आशंका है। विस्फोट के कारणों का फिलहाल पता नहीं चल पाया है। यह जाँच की जा रही है कि क्या कोयला खनन में इस्तेमाल किए जाने वाले विस्फोटकों के कारण यह हादसा हुआ। साथ ही पुलिस यह भी जाँच कर रही है कि कहीं खदान में अवैध रूप से कोयला खनन तो नहीं किया जा रहा था।
पर्यावरण को होने वाले नुकसान और मानव जीवन के ख़तरे को देखते हुए वर्ष 2014 में नेशनल ग्रीन ट्राइब्यूनल ने मेघालय में रैट-होल कोयला खनन पर प्रतिबंध लगा दिया था। इसके साथ ही कोयले के परिवहन पर भी कड़ी पाबंदियाँ लगाई गई थीं। रैट-होल खनन में आमतौर पर 3–4 फ़ुट ऊँची, बेहद संकरी क्षैतिज सुरंगें खोदी जाती हैं, जिनमें मज़दूरों को कोयला निकालने के लिए अंदर घुसकर रेंगते हुए काम करना पड़ता है, जो बेहद कठिन और ख़तरनाक होता है।