स्कूलों में इस समय सर्दियों की छुट्टियां चल रही हैं। जनवरी से पहले स्कूल नहीं खुलेंगे। अब बच्चे 7–10 दिन घर पर रहेंगे। समस्या यह है कि इन छुट्टियों में उन्हें शांत कैसे रखा जाए। घर पर रहते ही बच्चों की शरारतें बढ़ जाती हैं। उनके पीछे दौड़ते-दौड़ते दिन का आधा समय निकल जाता है। यह शरारतें फिर भी बर्दाश्त की जा सकती हैं लेकिन जब बच्चा घंटों मोबाइल हाथ में लेकर बैठा रहता है, तभी असली समस्या शुरू होती है। स्क्रीन टाइम बंद कर के उसकी शरारतें कैसे कम करें? या तो वह मोबाइल में लगा रहता है, या फिर शरारत करता है। इस सर्दियों की छुट्टियों में इस समस्या से बचने के लिए थोड़ा अलग तरीका अपनाएं।
घूमने ले जाएं
अभी स्कूल की छुट्टियां चल रही हैं। आप भी इस दौरान ऑफिस से 3–4 दिन की छुट्टी ले सकते हैं। पास-पड़ोस में कहीं घूम आएं। परिवार के साथ समय बिताना बहुत ज़रूरी है। इससे बच्चा अच्छे संस्कार और मूल्य सीखता है। घूमने जाने पर बच्चे को न मोबाइल देखने का समय मिलेगा और न ही शरारत करने का। अगर 3–4 दिन की यात्रा संभव न हो, तो पिकनिक या एक दिन की छोटी ट्रिप पर भी जा सकते हैं। इसके अलावा शहर के दर्शनीय स्थलों पर भी बच्चे को ले जा सकते हैं।
पजल या ब्रेन गेम
हर समय घूमना संभव नहीं होता। ऐसे में बच्चे को व्यस्त रखना जरूरी है। इसके लिए तरह-तरह के पजल या ब्रेन गेम घर ले आएं। इस तरह के खेल बच्चों की बुद्धि और याददाश्त बढ़ाने में मदद करते हैं। साथ ही ब्रेन गेम में लगे रहने से उनकी शरारतें भी कम होंगी।
ड्रॉइंग या किताब पढ़ना
चाहे बच्चा कितना भी जिद करे, उसे मोबाइल नहीं देना चाहिए। मोबाइल की जगह उसे ड्रॉइंग बुक, रंग और पेंसिल दें। मनचाहे तरीके से उसे चित्र बनाने दें। इससे बच्चा अपनी रचनात्मकता को पहचान पाएगा और व्यस्त रहेगा। अगर बच्चा पढ़ने में रुचि रखता है तो उसे रोचक कहानी की किताबें दें। इससे भी वह मोबाइल से दूर रहेगा।
एक साथ घर का काम करें
छुट्टियों के दिन बेकार न जाने दें। जब भी घर का काम करें, बच्चे को अपने साथ शामिल करें। सब्जी काटना, कपड़े व्यवस्थित करना, घर की सफाई जैसे काम बच्चे के साथ मिलकर करें। इससे बच्चे में घर के कामों के प्रति रुचि पैदा होगी, वह काम सीख पाएगा और आपका समय भी बचेगा।