तेहरानः ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकिर ग़ालिबाफ ने लेबनान पर जारी हमलों को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में तनाव कम करने के लिए हुए दो सप्ताह के युद्धविराम समझौते के बावजूद हमले जारी रहना सीधा उल्लंघन है और इसके गंभीर परिणाम होंगे।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जारी अपने बयान में उन्होंने स्पष्ट किया कि लेबनान और रेजिस्टेंस एक्सिस इस युद्धविराम व्यवस्था का अभिन्न हिस्सा हैं। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने भी सार्वजनिक रूप से कहा था कि लेबनान इस समझौते में शामिल है, ऐसे में इससे पीछे हटने या इनकार की कोई गुंजाइश नहीं है।
ग़ालिबाफ ने चेतावनी दी कि यदि युद्धविराम का उल्लंघन जारी रहा तो इसका कड़ा और स्पष्ट जवाब दिया जाएगा। उन्होंने तत्काल तनाव कम करने और स्थिति को नियंत्रण में लाने की भी अपील की।
वहीं अमेरिका और ईरान के बीच बना नाजुक युद्धविराम इस मुद्दे को लेकर दबाव में दिखाई दे रहा है। तेहरान का दावा है कि इस समझौते के तहत लेबनान में इजरायली सैन्य कार्रवाई रोकना भी शामिल है, जबकि अमेरिका और इजरायल इस बात से सहमत नहीं हैं। उनका कहना है कि यह युद्धविराम हिज्बुल्लाह के ठिकानों पर कार्रवाई को नहीं रोकता।
इस बीच इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने स्पष्ट किया है कि हिज्बुल्लाह के खिलाफ सैन्य अभियान जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि इजरायली सेना पूरी ताकत, सटीकता और दृढ़ता के साथ अपने ऑपरेशन को आगे बढ़ा रही है।