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ट्रंप की गाजा बोर्ड ऑफ पीस योजना को चीन ने ठुकराया, बहुपक्षवाद की बात दोहराई

चीन ने संयुक्त राष्ट्र केंद्रित व्यवस्था पर ज़ोर दिया

By डॉ. अभिज्ञात

Jan 22, 2026 13:57 IST

बीजिंगः चीन ने अमेरिका की ओर से दिए गए बोर्ड ऑफ पीस में शामिल होने के प्रस्ताव को ठुकरा दिया है और साफ कहा है कि वह संयुक्त राष्ट्र (UN) को केंद्र में रखकर बनी अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। यह जानकारी भारत में चीनी दूतावास की प्रवक्ता यू जिंग ने गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा की।

UN को दरकिनार करने की पहल पर चीन सख्त

उन्होंने चीन के विदेश मंत्रालय (MOFA) के बयान का हवाला देते हुए कहा कि चीन को अमेरिका का निमंत्रण मिला था, लेकिन चीन हमेशा सच्चे बहुपक्षवाद का पालन करता है और अंतरराष्ट्रीय हालात चाहे जैसे भी बदलें, वह संयुक्त राष्ट्र को केंद्र में रखकर बनी वैश्विक व्यवस्था, अंतरराष्ट्रीय कानून पर आधारित अंतरराष्ट्रीय प्रणाली और संयुक्त राष्ट्र चार्टर के उद्देश्यों व सिद्धांतों पर आधारित अंतरराष्ट्रीय संबंधों के मूल नियमों की रक्षा के लिए मजबूती से प्रतिबद्ध रहेगा। यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप स्विट्ज़रलैंड के दावोस में हो रही वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम बैठक के दौरान इस सप्ताह औपचारिक रूप से गाजा बोर्ड ऑफ पीस के गठन की योजना बना रहे हैं। इस बारे में पत्रकारों से बातचीत में ट्रंप ने इस बोर्ड को अब तक का सबसे प्रतिष्ठित बोर्ड बताया और संयुक्त राष्ट्र पर तंज कसते हुए कहा कि यह बोर्ड वह काम करेगा जो संयुक्त राष्ट्र को करना चाहिए था। ट्रंप ने यह भी दावा किया कि मध्य पूर्व में शांति ईरान के परमाणु खतरे को खत्म करने से संभव हो सकी।

पुतिन ने स्वीकार किया है न्योता

उन्होंने कहा कि वह चाहते हैं कि सभी देश इस बोर्ड में शामिल हों, यह अब तक का सबसे बेहतरीन बोर्ड है और लगभग सभी देश इसका हिस्सा बनना चाहते हैं। ट्रंप ने बताया कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को भी न्योता दिया गया था और उन्होंने इसे स्वीकार कर लिया है, जबकि कई अन्य देशों ने भी इस प्रस्ताव को मंजूरी दी है।

बोर्ड ऑफ पीस संयुक्त राष्ट्र के साथ मिलकर काम करेगा

ट्रंप के अनुसार बोर्ड ऑफ पीस संयुक्त राष्ट्र के साथ मिलकर काम करेगा लेकिन यह बोर्ड खास होगा और गाजा व मध्य पूर्व से शुरू होकर शांति स्थापित करने में अहम भूमिका निभाएगा। गाजा बोर्ड ऑफ पीस का गठन पश्चिम एशिया में संघर्ष खत्म करने के लिए बनाई गई 20-सूत्रीय शांति योजना के दूसरे चरण का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य गाजा पट्टी में स्थिरता लाना और युद्ध के बाद पुनर्निर्माण की निगरानी करना है। इस बोर्ड का प्रस्ताव ट्रंप ने पिछले साल सितंबर में गाजा युद्ध समाप्त करने की योजना के तहत रखा था, हालांकि अब यह पहल केवल गाजा तक सीमित न रहकर वैश्विक संघर्षों में मध्यस्थता के उद्देश्य से भी आगे बढ़ती दिख रही है।

बोर्ड के सदस्य गाजा की स्थिरता व विकास की जिम्मेदारी संभालेंगे

व्हाइट हाउस के बयान के मुताबिक प्रस्तावित कार्यकारी बोर्ड के सदस्य गाजा की स्थिरता और लंबे समय के विकास से जुड़े अहम क्षेत्रों की जिम्मेदारी संभालेंगे, जिनमें प्रशासनिक क्षमता का विकास, क्षेत्रीय संबंध, पुनर्निर्माण, निवेश को आकर्षित करना, बड़े स्तर पर फंडिंग और पूंजी जुटाना शामिल है। हालांकि, जो देश 1 अरब अमेरिकी डॉलर देने की प्रतिबद्धता जताएंगे, उन्हें बोर्ड में स्थायी सीट मिलेगी, जबकि जो देश यह राशि नहीं देंगे वे भी तीन साल की अवधि के लिए बोर्ड में शामिल हो सकेंगे।

अब तक 25 देशों ने बोर्ड में शामिल होने का निमंत्रण स्वीकारा

अमेरिका के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ ने CNBC को दिए एक इंटरव्यू में बताया कि अब तक करीब 25 देशों ने बोर्ड में शामिल होने का निमंत्रण स्वीकार कर लिया है। इनमें इज़राइल, कोसोवो, संयुक्त अरब अमीरात, हंगरी, बेलारूस, अज़रबैजान, मिस्र, आर्मेनिया, तुर्की, पाकिस्तान, क़तर और जॉर्डन जैसे देश शामिल हैं।

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