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‘आईडी दिखाइए’, म्यूनिख सम्मेलन में पहुंचे मुनीर असहज, पाकिस्तान की किरकिरी

वह एक देश के सेनाध्यक्ष हैं। और उन्हीं को लगभग रोककर पहचान पत्र दिखाने को कहा गया…

By कौशिक भट्टाचार्य, Posted by डॉ.अभिज्ञात

Feb 15, 2026 14:34 IST

म्यूनिख:पासपोर्ट पर इस्लामाबाद की मुहर होते ही तलाशी का सामना करना पड़ता है, ऐसी शिकायत कई पाकिस्तानी करते रहे हैं। लेकिन क्या देश के सेनाध्यक्ष को भी ऐसी स्थिति का सामना करना पड़ेगा? पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर जर्मनी गए हैं। वह म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन में भाग लेने पहुंचे। सम्मेलन स्थल में प्रवेश करते समय एक सुरक्षाकर्मी ने लगभग उनका रास्ता रोक लिया और उनकी पहचान पत्र की ओर इशारा करते हुए कहा, “पहचान पत्र ठीक से दिखाइए।”

म्यूनिख में सुरक्षा सम्मेलन को लेकर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है। पूरे इलाके को सुरक्षा घेरे में रखा गया है। प्रवेश द्वार पर सशस्त्र सुरक्षाकर्मी तैनात हैं और सभी मेहमानों को पहचान पत्र दिया गया है। उद्घाटन समारोह में पाकिस्तान के एक अन्य सैन्य अधिकारी के साथ प्रवेश कर रहे आसिम मुनीर के गले में भी पहचान पत्र लटका था, लेकिन वह उल्टा था।

सामाजिक माध्यमों पर प्रसारित वीडियो में देखा जा सकता है कि सैन्य वर्दी में मुनीर सम्मेलन में प्रवेश कर रहे हैं। उनके गले में उल्टा लटका पहचान पत्र देखकर एक सुरक्षाकर्मी ने हल्की सी टोकते हुए कहा, “इसे सीधा कर लीजिए।” यह सुनते ही मुनीर के चेहरे पर हल्की मुस्कान दिखाई दी। उन्होंने सिर थोड़ा झुकाया और आगे बढ़ गए।

इस वीडियो को लेकर सामाजिक माध्यमों पर बहस छिड़ गई है। एक उपयोगकर्ता ने लिखा, “मुनीर की मुस्कान से लगता है कि उन्होंने स्थिति को समझ लिया।” वहीं दूसरे ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर पाकिस्तान की स्थिति पर कटाक्ष करते हुए लिखा, “दुनिया पाकिस्तान को किस नजर से देखती है, यह वीडियो स्पष्ट कर देता है।” कुछ लोगों ने मुनीर की आलोचना भी की और कड़ी जांच की मांग की। हालांकि, इस घटना पर व्यापक चर्चा और टिप्पणियां हो रही हैं।

इस बीच, सिंधी राजनीतिक संगठन जिए सिंध मुत्ताहिदा महाज़ ने सम्मेलन में मुनीर की भागीदारी का तीव्र विरोध किया है। पाकिस्तान पर मानवाधिकार उल्लंघन के आरोप लगाते हुए संगठन के कार्यकर्ताओं ने सम्मेलन स्थल के बाहर प्रदर्शन किया। उनका कहना है कि यह निमंत्रण “दुर्भाग्यपूर्ण” है।

उल्लेखनीय है कि म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन विश्व राजनीति और कूटनीति का एक महत्वपूर्ण मंच माना जाता है, जहां हर वर्ष शांति, संघर्ष और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर राष्ट्राध्यक्ष, राजनयिक और सुरक्षा विशेषज्ञ विचार-विमर्श करते हैं।

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