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अमेरिका में भारतीय छात्र लापता, सरकार और महावाणिज्य दूतावास सक्रिय खोज में

आपात स्थितियों के दौरान भारत सरकार ने भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकालने और स्वदेश लाने के लिए बड़े पैमाने पर निकासी अभियान चलाए हैं।

By राखी मल्लिक

Feb 14, 2026 13:46 IST

सैन फ्रांसिस्को : कर्नाटक निवासी यूसी बर्कले के स्नातकोत्तर छात्र साकेत श्रीनिवासैया के लापता होने की खबर है। सैन फ्रांसिस्को स्थित भारत के महावाणिज्य दूतावास ने इस पर गहरी चिंता व्यक्त की है।

सोशल मीडिया मंच X पर एक पोस्ट में सैन फ्रांसिस्को स्थित भारत के महावाणिज्य दूतावास ने कहा कि सैन फ्रांसिस्को में भारतीय स्नातकोत्तर छात्र साकेत श्रीनिवासैया के लापता होने से गहरी चिंता बनी है। साकेत कर्नाटक राज्य से हैं महावाणिज्य दूतावास परिवार के साथ लगातार संपर्क में है और छात्र का पता लगाने के लिए संबंधित स्थानीय अधिकारियों से भी संपर्क बनाए हुए है।

हालांकि यह पहला ऐसा मामला नहीं है। विदेशों में पढ़ रहे भारतीय छात्रों ने अक्सर कथित भेदभाव, नस्लीय हमलों और अधिकारियों की लापरवाही की शिकायत की है।

लोकसभा में सांसद असदुद्दीन ओवैसी द्वारा विदेश में छात्रों की सुरक्षा को लेकर कई प्रश्न उठाए गए। उनके जवाब में विदेश मंत्रालय ने भारतीय छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए किए जा रहे प्रयासों पर प्रकाश डाला।

मंत्रालय ने अपने उत्तर में कहा कि सरकार विदेशों में भारतीय छात्रों की सुरक्षा और संरक्षा को उच्च प्राथमिकता देती है और उनके खिलाफ हिंसा की घटनाओं पर नजर रखती है। उनके खिलाफ होने वाली हिंसक और अप्रिय घटनाओं को तुरंत संबंधित देश के अधिकारियों के साथ भारतीय मिशन/पोस्ट द्वारा उठाया जाता है ताकि उनकी उचित जांच हो और दोषियों को दंडित किया जा सके।

बयान में आगे कहा गया कि भारतीय मिशन/पोस्ट अपने अधिकार क्षेत्र में विदेशी विश्वविद्यालयों में नामांकित भारतीय छात्रों के साथ नियमित संपर्क बनाए रखते हैं और उनके विदेशी भूमि पर आगमन के समय प्री-ओरिएंटेशन सत्र आयोजित करते हैं, जिसमें संभावित चुनौतियों, जोखिमों और विदेश में पढ़ाई के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में जानकारी दी जाती है। समय-समय पर परामर्श भी जारी किए जाते हैं।

प्रभावी संवाद और समय पर सहायता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से भारतीय छात्रों को मंत्रालय के ‘मदद’ पोर्टल, विशेष रूप से बनाए गए व्हाट्सएप समूहों, कांसुलर कैंप, ओपन हाउस, आपातकालीन हेल्पलाइन आदि के माध्यम से स्थानीय भारतीय मिशन/पोस्ट से जुड़ने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है, बयान में आगे कहा गया।

भारतीय मिशन/पोस्ट विशेष रूप से उन देशों में सतर्क रहते हैं जहां राजनीतिक अस्थिरता, आर्थिक संकट या छात्रों के गुमराह या शोषित होने का जोखिम अधिक हो सकता है। भारतीय छात्रों को प्रभावित करने वाली किसी भी घटना को तुरंत मेजबान सरकारों के साथ उठाया जाता है ताकि उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और उचित समाधान मिल सके। आवश्यकता पड़ने पर आपातकालीन चिकित्सा सहायता, अस्थायी आवास और अन्य आवश्यक सेवाओं सहित कांसुलर सहायता प्रदान की जाती है। संकट के समय भारतीय समुदाय कल्याण कोष का उपयोग भारतीय नागरिकों की सहायता के लिए किया जाता है, जिनमें छात्र भी शामिल हैं।

एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार आपात स्थितियों के दौरान भारत सरकार ने भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकालने और स्वदेश लाने के लिए बड़े पैमाने पर निकासी अभियान चलाए हैं। हाल के उल्लेखनीय अभियानों में ऑपरेशन देवी शक्ति (अफगानिस्तान), ऑपरेशन गंगा (यूक्रेन), ऑपरेशन कावेरी (सूडान), ऑपरेशन अजय (इजराइल) और ऑपरेशन सिंधु (इजराइल और ईरान) शामिल हैं। ये प्रयास विदेशों में भारतीय छात्रों की सुरक्षा और कल्याण सुनिश्चित करने तथा उन्हें असामाजिक तत्वों और असुरक्षित परिस्थितियों से बचाने के प्रति भारत सरकार की अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं।

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