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अमेरिका में ट्रंप की सख्त आव्रजन नीतियों के खिलाफ देशभर में हड़ताल और प्रदर्शन

इमिग्रेशन कार्रवाई में मौतों से भड़का जनआक्रोश, स्कूल-दुकानें बंद कर विरोध

By डॉ. अभिज्ञात

Jan 31, 2026 09:00 IST

वाशिंगटनः अमेरिका में शुक्रवार को ट्रंप प्रशासन की सख्त आव्रजन नीतियों के खिलाफ देशभर में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे इस दिन न तो काम पर जाएं, न स्कूल जाएं और न ही खरीदारी करें। इसका मकसद सरकार को यह दिखाना है कि बड़ी संख्या में लोग मौजूदा इमिग्रेशन कार्रवाई से नाराज़ हैं और इसे बदलना चाहते हैं।

इन प्रदर्शनों की सबसे बड़ी वजह हाल के दिनों में हुई दो मौतें हैं। मिनियापोलिस में एलेक्स प्रेट्टी नाम के एक आईसीयू नर्स को उस समय गोली मार दी गई, जब वे सीमा सुरक्षा अधिकारियों द्वारा की जा रही आव्रजन कार्रवाई का वीडियो अपने मोबाइल फोन से बना रहे थे। इससे पहले 7 जनवरी को रेनी गुड की मौत हुई थी, जिन्हें एक ICE अधिकारी ने उस समय गोली मार दी थी जब वे अपनी गाड़ी चला रही थीं। इन घटनाओं के बाद लोगों में यह गुस्सा और डर बढ़ गया है कि आव्रजन कानून लागू करने के नाम पर जरूरत से ज्यादा ताकत और हिंसा का इस्तेमाल किया जा रहा है।

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि ICE और दूसरी संघीय एजेंसियां सड़कों, बस स्टॉप, स्कूलों के आसपास और रिहायशी इलाकों में लोगों को रोक रही हैं। इससे प्रवासी परिवारों में डर का माहौल है और बच्चों की पढ़ाई तक प्रभावित हो रही है। लोगों का मानना है कि अमेरिका में रहने वाले हर व्यक्ति के कुछ बुनियादी अधिकार होते हैं, लेकिन मौजूदा नीतियों में उन अधिकारों को नजरअंदाज किया जा रहा है।

इसी डर और नाराज़गी की वजह से कई राज्यों में स्कूलों ने पहले से ही कक्षाएं रद्द कर दीं क्योंकि उन्हें लगा कि बड़ी संख्या में छात्र अनुपस्थित रहेंगे। कई जगह छात्रों ने खुद ही कक्षाओं से बाहर निकलकर विरोध किया। मिशिगन में ठंड के बावजूद हाई स्कूल के छात्र पैदल मार्च करते हुए बाजार इलाकों तक पहुंचे, जहां आम लोगों ने हॉर्न बजाकर उनका समर्थन किया।

मिनियापोलिस के पास बिशप हेनरी व्हिपल फेडरल बिल्डिंग के बाहर सैकड़ों लोग कड़ाके की ठंड में इकट्ठा हुए। धार्मिक नेताओं के भाषणों के बाद प्रदर्शनकारी आगे बढ़े और संघीय एजेंटों के खिलाफ नारे लगाए।

इस विरोध का असर कारोबार पर भी पड़ा। कई दुकानों और रेस्तरां ने “ब्लैकआउट” के तहत बंद रहने का फैसला किया। कुछ व्यवसाय खुले रहे, लेकिन उन्होंने अपनी कमाई का एक हिस्सा प्रवासियों की मदद करने वाले संगठनों और कानूनी सहायता देने वाली संस्थाओं को दान करने की घोषणा की। न्यूयॉर्क में एक रेस्तरां और उसकी बेकरी ने कहा कि वे खुले रहेंगे, लेकिन अपनी आय का बड़ा हिस्सा

लॉस एंजिलिस में स्थिति और तनावपूर्ण रही। हजारों प्रदर्शनकारी सिटी हॉल के सामने जमा हुए और बाद में संघीय हिरासत केंद्र तक मार्च किया। शाम होते-होते जब भीड़ कम नहीं हुई तो संघीय एजेंटों ने आंसू गैस और रासायनिक स्प्रे का इस्तेमाल किया। इसके बावजूद कई प्रदर्शनकारी डटे रहे। सांसद मैक्सीन वॉटर्स भी प्रदर्शन में शामिल हुईं और उन्होंने कहा कि लोग अपने संवैधानिक अधिकारों का इस्तेमाल कर रहे हैं, लेकिन उन्हें दबाने की कोशिश की जा रही है।

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