वाशिंगटन : भारत ने अमेरिका के नेतृत्व में गठित पैक्स सिलिका गठबंधन में शामिल होने के लिए शुक्रवार को एक समझौते पर हस्ताक्षर किए। इस पहल का मुख्य उद्देश्य महत्वपूर्ण खनिजों और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के लिए एक सुरक्षित और स्थिर सप्लाई चेन तैयार करना है। समझौते पर हस्ताक्षर समारोह में केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव और भारत में नियुक्त अमेरिका के दूत सर्जियो गोर उपस्थित थे। सर्जियो ने इस बारे में कहा कि Pax Silica क्षमता का एक गठबंधन है। भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के प्रयासों के बीच यह कदम उठाया गया है।
Pax Silica पहल की शुरुआत दिसंबर 2025 में हुई थी। इसका लक्ष्य महत्वपूर्ण खनिजों और AI के लिए एक सुरक्षित, नवाचार-आधारित और विश्वसनीय सप्लाई चेन बनाना है। उसी महीने वॉशिंगटन में आयोजित Pax Silica सम्मेलन में भागीदार देशों ने इस घोषणा-पत्र पर हस्ताक्षर किए।
Pax Silica क्या है?
पैक्स सिलिका अमेरिका के नेतृत्व में शुरू की गई एक अंतरराष्ट्रीय पहल है। इसका मुख्य उद्देश्य कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और उन्नत तकनीक से जुड़ी महत्वपूर्ण सप्लाई चेन को सुरक्षित बनाना है। इसका मकसद ऐसा सुरक्षित तकनीकी इकोसिस्टम तैयार करना है, जहां सप्लाई चेन किसी जोखिमपूर्ण या शत्रुतापूर्ण देश के नियंत्रण में न हो। साथ ही मित्र देशों के बीच सहयोग बढ़ाकर भविष्य की AI-आधारित उद्योगों को मजबूत करना भी इसका लक्ष्य है।
इस पहल के माध्यम से कई विश्वसनीय देशों को एक मंच पर लाया जा रहा है, ताकि वे महत्वपूर्ण संसाधनों और तकनीक तक भरोसेमंद पहुंच सुनिश्चित कर सकें। इनमें शामिल हैं—
महत्वपूर्ण खनिज (Critical Minerals)
सेमीकंडक्टर
ऊर्जा (Energy)
AI अवसंरचना
मैन्युफैक्चरिंग सिस्टम
लॉजिस्टिक्स नेटवर्क
Pax Silica क्यों महत्वपूर्ण है?
इस कार्यक्रम का एक बड़ा उद्देश्य किसी एक देश पर अत्यधिक निर्भरता को कम करना है। खासकर महत्वपूर्ण तकनीक और कच्चे माल के मामले में इस जोखिम को घटाना जरूरी है। इस पहल के जरिए
सप्लाई चेन के संभावित जोखिमों की पहचान की जाएगी।
संयुक्त निवेश को प्रोत्साहित किया जाएगा।
संवेदनशील तकनीकों को सुरक्षित डिजिटल नेटवर्क के माध्यम से संरक्षित रखा जाएगा।
इसके अलावा जिन देशों के पास AI विकास के लिए जरूरी तकनीकी कंपनियां, खनिज और अवसंरचना मौजूद हैं, उनके बीच तालमेल स्थापित करना भी इस पहल का उद्देश्य है।
Pax Silica गठबंधन के सदस्य देशों में ऑस्ट्रेलिया, ग्रीस, इजराइल, जापान, कतर, दक्षिण कोरिया, सिंगापुर, संयुक्त अरब अमीरात और अमेरिका शामिल हैं। पिछले महीने सर्जियो गोर ने नई दिल्ली को इस रणनीतिक गठबंधन में शामिल होने का निमंत्रण दिया था। इस पहल का एक प्रमुख लक्ष्य AI-आधारित आर्थिक समृद्धि सुनिश्चित करना और भागीदार देशों के बीच दीर्घकालिक आर्थिक सहयोग को मजबूत करना है।