नई दिल्ली : भारत में हर वित्तीय वर्ष में निर्धारित सीमा से अधिक आय होने पर इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) दाखिल करना अनिवार्य है। हालांकि आयकर अधिनियम, 1961 के अनुसार कुछ प्रकार की आय पूरी तरह या कुछ शर्तों के साथ करमुक्त होती है। इन आयों पर इनकम टैक्स नहीं देना पड़ता। आम लोगों के लिए इन बातों को जानना बहुत जरूरी है, क्योंकि सही योजना बनाकर कानून के तहत टैक्स की बचत की जा सकती है। इन 10 प्रकार की करमुक्त आय की सूची नीचे दी गई है—
1. कृषि से आय
खेती, जमीन किराए पर देने या फसल बेचने से प्राप्त आय पूरी तरह करमुक्त है। इसकी कोई निर्धारित अधिकतम सीमा नहीं है। हालांकि यदि कृषि आय 5,000 रुपये से अधिक हो और कुल आय कर योग्य सीमा से ज्यादा हो, तो टैक्स की दर तय करते समय इसे ध्यान में रखा जा सकता है।
2. पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) से आय
PPF में निवेश करने पर मिलने वाला ब्याज और मैच्योरिटी पर प्राप्त पूरी राशि करमुक्त होती है। इसके अलावा सालाना 1.5 लाख रुपये तक के निवेश पर धारा 80C के तहत टैक्स छूट मिलती है।
3. EPF से निकासी
एम्प्लॉयीज प्रोविडेंट फंड से 5 साल या उससे अधिक समय बाद पैसा निकालने पर पूरी राशि और उस पर मिला ब्याज करमुक्त होता है।
4. लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी की मैच्योरिटी राशि
लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी की मैच्योरिटी पर या मृत्यु के बाद मिलने वाली राशि करमुक्त होती है। हालांकि, सामान्य तौर पर यदि प्रीमियम बीमा राशि के 10% से अधिक है, तो कुछ मामलों में टैक्स नियम लागू हो सकते हैं।
5. स्कॉलरशिप
शिक्षा के लिए मिलने वाली स्कॉलरशिप पूरी तरह करमुक्त होती है। इसकी कोई सीमा नहीं है, लेकिन यह केवल शिक्षा के उद्देश्य से होनी चाहिए।
6. रिश्तेदारों से प्राप्त उपहार
माता-पिता, पति या पत्नी, भाई-बहन आदि निर्दिष्ट रिश्तेदारों से मिला उपहार पूरी तरह करमुक्त होता है। लेकिन यदि किसी गैर-रिश्तेदार से एक साल में 50,000 रुपये से अधिक का उपहार मिलता है, तो वह कर योग्य होता है।
7. विरासत में मिली संपत्ति
वसीयत या उत्तराधिकार में मिली संपत्ति पर कोई इनकम टैक्स नहीं लगता। हालांकि उस संपत्ति से भविष्य में होने वाली आय कर योग्य हो सकती है।
8. सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) से आय
इस योजना में निवेश करने पर मिलने वाला ब्याज और मैच्योरिटी की राशि पूरी तरह करमुक्त होती है। यह विशेष रूप से बेटी के भविष्य के लिए शुरू की गई योजना है।
9. टैक्स-फ्री बॉन्ड से आय
सरकार या सरकार समर्थित संस्थाओं द्वारा जारी किए गए टैक्स-फ्री बॉन्ड के ब्याज पर कोई इनकम टैक्स नहीं देना पड़ता।
10. ग्रेच्युटी
सरकारी कर्मचारियों को ग्रेच्युटी के रूप में मिलने वाली राशि करमुक्त होती है। निजी कर्मचारियों को भी निर्धारित सीमा तक यह सुविधा मिलती है।
विशेषज्ञों के अनुसार इन करमुक्त आय के नियमों की जानकारी होने से सही निवेश योजना बनाई जा सकती है। हालांकि हर मामले में कुछ शर्तें और नियम लागू होते हैं। इसलिए निवेश या टैक्स योजना बनाने से पहले नियमों को अच्छी तरह समझ लेना चाहिए।