बंगालियों के 12 महीनों के 13 त्योहारों में से एक है जमाई षष्ठी। यह विशेष तिथि मुख्य रूप से सास और जमाई के बीच मनाई जाने वाली एक विशेष तिथि है। पंचांग में जमाई षष्ठी को अरण्य षष्ठी के नाम से भी जाना जाता है। मुख्य रूप से बंगाली समाज की एक लोकायुक्त प्रथा के रूप में जमाई षष्ठी मनाई जाती है। जमाई की मंगलकामना करते हुए इस दिन उसे पेट भरकर खिलाया जाता है। इसके साथ ही उपहार देने और लेने का क्रम भी होता है। जानिए इस साल जमाई षष्ठी कब पड़ रही है ?
इस बार जमाई षष्ठी कब है ?
पिछले साल जमाई षष्ठी रविवार को थी। इस साल भी जमाइयों के लिए अच्छी खबर है। हालांकि यह रविवार नहीं है, साल 2026 में जमाई षष्ठी शनिवार को मनाई जाएगी। यह आगामी 20 जून को मनाई जाएगी। ज्येष्ठ मास की शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि में जमाई षष्ठी मनाई जाती है। इस साल जमाई षष्ठी आगामी 20 जून यानी 5 आषाढ़, शनिवार को है। 19 जून की शाम 5 बजे से 20 जून के दोपहर 3:46 मिनट तक षष्ठी तिथि रहेगी। छुट्टी वाले दिन जमाई षष्ठी होने के कारण, षष्ठी के अवसर पर कई लोगों को ऑफिस से छुट्टी लेने की दिक्कत नहीं होगी। शनिवार दोपहर को जमाई यानी दामाद निश्चिंत होकर स्वादिष्ट भोजन का आनंद ले पाएंगे।
जमाई षष्ठी की परंपरा
षष्ठी तिथि में संतान की मंगलकामना की जाती है। इस विशेष षष्ठी में पुत्रसमान जमाई यानी दामाद को विशेष स्नेह दिया जाता है। उन्हें पंखा से ठंडी हवा और शांति का जल छिड़का जाता है। कलाई में हल्दी लगे धागे बांधे जाते हैं। उसके साथ आम, कटहल, लीची सहित विभिन्न प्रकार के फल और मिठाई से सजी टोकरी जमाई के हाथ में दिया जाता है। साथ में नए कपड़े भी दिए जाते हैं। इसके बाद दोपहर के भोज का समय आता है। सास के हाथ में भी जमाई नए साड़ी देते हैं। जमाई के साथ बेटी और नाती-नातिन को भी नए कपड़े देकर दोपहर का भोज कराया जाता है।