🔔 ताज़ा ख़बरें सबसे पहले!

Samachar EiSamay की ब्रेकिंग न्यूज़, राजनीति, खेल, मनोरंजन और बिज़नेस अपडेट अब सीधे आपके पास।

यासीन बूनो की शानदार गोलकीपिंग से मोरक्को की यादगार जीत

पेनल्टी शूटआउट में 3-2 की जीत, इस्माइल सैबारी की निर्णायक पेनल्टी ने मोरक्को को अगले दौर में पहुंचाया।

By शिखा सिंह

Jun 30, 2026 16:56 IST

ग्वाडालूपे : फीफा विश्व कप 2026 के राउंड ऑफ 32 मुकाबले में मोरक्को ने शानदार प्रदर्शन करते हुए नीदरलैंड्स को पेनल्टी शूटआउट में हराकर टूर्नामेंट से बाहर कर दिया। 2018 विश्व कप की तीसरे स्थान पर रहने वाली नीदरलैंड्स टीम के खिलाफ मोरक्को ने 1-1 की बराबरी के बाद पेनल्टी शूटआउट में 3-2 से जीत दर्ज की। इस ऐतिहासिक जीत में अचरफ हाकिमी, नील एल ऐनाउई और इस्माइल सैबारी जैसे खिलाड़ियों ने यादगार प्रदर्शन किया।

मोरक्को की इस जीत के बाद टीम का फीफा विश्व कप 2026 का सफर जारी है। मुकाबला अतिरिक्त समय तक बेहद रोमांचक रहा, लेकिन दोनों टीमें विजयी गोल नहीं कर सकीं। इसके बाद पेनल्टी शूटआउट में मोरक्को ने संयम दिखाते हुए जीत हासिल की।

नील एल ऐनाउई ने बनाया पासिंग का शानदार रिकॉर्ड

मोरक्को के मिडफील्डर नील एल ऐनाउई ने नीदरलैंड्स के खिलाफ शानदार खेल दिखाया। ऑप्टा एनालिस्ट के अनुसार, उन्होंने मुकाबले में 134 सफल पास पूरे किए। जारी विश्व कप में उनसे ज्यादा पास केवल अर्जेंटीना के लिए लियांद्रो परेडेस ने किए हैं, जिन्होंने जॉर्डन के खिलाफ 153 पास पूरे किए थे। एल ऐनाउई का यह प्रदर्शन मोरक्को के मिडफील्ड को मजबूती देने वाला रहा और टीम की जीत में उनकी भूमिका बेहद अहम रही।

हाकिमी ने रचा खास रिकॉर्ड

पेरिस सेंट-जर्मेन के स्टार खिलाड़ी अचरफ हाकिमी ने भी इस मुकाबले में शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने इस मैच में इस्माइल सैबारी के साथ विपक्षी टीम के पेनल्टी एरिया में सबसे ज्यादा पांच-पांच टच किए।

इसके अलावा पूरे टूर्नामेंट में हाकिमी के विपक्षी टीम के बॉक्स के अंदर कुल 30 टच हो चुके हैं, जो किसी भी मोरक्को खिलाड़ी के लिए फीफा विश्व कप में सबसे ज्यादा हैं।

सैबारी की शानदार विश्व कप यात्रा जारी

इस्माइल सैबारी ने भी इस टूर्नामेंट में अपनी अलग पहचान बनाई है। वह विश्व कप के ग्रुप चरण के तीनों मुकाबलों में गोल करने वाले पहले अफ्रीकी खिलाड़ी बने थे। साथ ही 2010 में घाना के असामोआ ग्यान के बाद वह एक ही फीफा विश्व कप में तीन गोल करने वाले पहले अफ्रीकी खिलाड़ी बने।

नीदरलैंड्स के खिलाफ निर्णायक पेनल्टी को गोल में बदलकर सैबारी ने मोरक्को को अगले दौर में पहुंचाया। इस टूर्नामेंट में उन्होंने ब्राजील और नीदरलैंड्स जैसी मजबूत टीमों के खिलाफ भी गोल किए हैं।

नीदरलैंड्स ने ली थी बढ़त, लेकिन मोरक्को ने पलटा मैच

मुकाबले के पहले हाफ में दोनों टीमों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला और कोई भी टीम गोल नहीं कर सकी। दूसरे हाफ के 72वें मिनट में नीदरलैंड्स के कोडी गाकपो ने गोल कर अपनी टीम को बढ़त दिला दी।

नीदरलैंड्स की टीम जीत की ओर बढ़ रही थी, लेकिन इंजरी टाइम में मोरक्को ने शानदार वापसी की। 91वें मिनट में चेम्सदीन ताल्बी ने पेनल्टी एरिया में बेहतरीन क्रॉस दिया, जिस पर इस्सा डियोप ने शानदार हेडर लगाकर गोल कर दिया और स्कोर 1-1 से बराबर कर दिया।

इस गोल के बाद मोरक्को का आत्मविश्वास बढ़ गया, लेकिन अतिरिक्त 30 मिनट के खेल में दोनों टीमें कोई निर्णायक गोल नहीं कर सकीं। मजबूत डिफेंस के कारण मुकाबला पेनल्टी शूटआउट तक पहुंचा।

यासीन बूनो ने फिर दिखाया पेनल्टी बचाने का कमाल

पेनल्टी शूटआउट में दोनों टीमों के खिलाड़ियों ने दो-दो पेनल्टी मिस कीं। इस दौरान मोरक्को के गोलकीपर यासीन बूनो ने एक बार फिर अपनी विशेषज्ञता साबित करते हुए क्रिसेंशियो समरविले की पेनल्टी रोक दी।

इसके बाद इस्माइल सैबारी ने निर्णायक पेनल्टी को शांत दिमाग से गोल में बदल दिया और मोरक्को ने 3-2 से जीत दर्ज कर ली। जीत के बाद मोरक्को के खिलाड़ियों और प्रशंसकों ने जमकर जश्न मनाया।

Articles you may like: