मनीला : एशियन डेवलपमेंट बैंक (एडीबी) ने भारत की अर्थव्यवस्था को लेकर अपना नया आकलन जारी करते हुए वृद्धि दर के अनुमान में बदलाव किया है। इससे एक दिन पहले विश्व बैंक भी भारतीय अर्थव्यवस्था पर भरोसा जता चुका था।
एडीबी के अनुसार चालू वित्त वर्ष में भारत की जीडीपी वृद्धि दर 6.9% रहने का अनुमान है, जो 2027-28 में बढ़कर 7.3% तक पहुंच सकती है। यह अनुमान सरकार के सुधार उपायों, यूरोप के साथ संभावित व्यापार समझौतों और सरकारी कर्मचारियों के वेतन बढ़ने से उपभोग खर्च में संभावित वृद्धि को ध्यान में रखकर लगाया गया है।
एडीबी की रिपोर्ट बताती है कि मजबूत उपभोग, बुनियादी ढांचे में सरकारी निवेश और कॉरपोरेट क्षेत्र की बेहतर वित्तीय स्थिति—ये तीन प्रमुख कारक भारतीय अर्थव्यवस्था को दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में बनाए हुए हैं। सेवा क्षेत्र का अच्छा प्रदर्शन और विनिर्माण क्षेत्र में सुधार भी आर्थिक गतिविधियों को गति दे रहा है।
हालांकि, एडीबी ने पश्चिम एशिया में जारी तनाव को लेकर चिंता भी जताई है। विशेष रूप से ईरान और अमेरिका के बीच संभावित संघर्ष से ईंधन की कीमतों में उछाल आ सकता है। जिससे आयात लागत, महंगाई और वैश्विक व्यापार प्रभावित हो सकते हैं।
महंगाई के मोर्चे पर एडीबी का अनुमान है कि 2026-27 में मुद्रास्फीति लगभग 4.5% रह सकती है, जो 2027-28 में घटकर करीब 4% तक आ सकती है। हालांकि, ईंधन आयात की बढ़ती लागत, रुपये में कमजोरी और वेतन वृद्धि से बढ़ती मांग महंगाई पर दबाव बना सकती है। इसके बावजूद कच्चे तेल की कीमतों में संभावित गिरावट इस दबाव को कुछ हद तक कम कर सकती है।