SIR की प्रक्रिया पूरी होने के बाद मतदाता सूची से बड़ी संख्या में मतुआ सम्प्रदाय के लोगों का नाम हटाया गया है। इस वजह से भाजपा को चुनाव से पहले मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा था। इस परेशानी को दूर करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी चुनावी सभा से मतुआ और नमःशुद्र सम्प्रदाय के लोगों के लिए संदेश दिया है। इसके साथ ही इस सभा से उन्होंने घुसपैठियों को भी कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि अपना बोरिया-बिस्तर बांध लें।
चुनावी सभा से घुसपैठियों को दी अपनी कड़ी चेतावनी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि घुसपैठियों को भगाया जाएगा। अपना बोरिया-बिस्तर बांध ले। जिन लोगों ने घुसपैठियों को पनाह दी है, फर्जी कागजात बनवाने में मदद की है, सरकारी परियोजनाओं का लाभ उठाने का मौका दिया है, उन सभी का हिसाब किया जाएगा।
SIR की प्रक्रिया में मतदाता सूची से नाम हटने की वजह से बड़ी संख्या में मतुआ सम्प्रदाय के लोग चिंतित थे। हालांकि स्थानीय भाजपा नेता लगातार आश्वस्त कर रहे थे कि CAA के तहत आवेदन करने पर नागरिकता मिल जाएगी।
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इसके बाद मतदाता सूची में भी अपना नाम शामिल कर सकते हैं। लेकिन इसी बात को सम्प्रदाय के लोग पीएम मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की जुबान से सुनना चाहते थे। अब तक राज्य में जितनी बार भी प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह ने चुनावी रैलियों को संबोधित किया है, कभी भी मतुआ अथवा नमःशुद्र सम्प्रदाय के लोगों के बारे में कोई बात नहीं की थी।
लेकिन शनिवार को बर्धमान के कटवा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सभा थी। चुनावी सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने आश्वासन देते हुए कहा कि भाजपा की सरकार बनने के बाद मतुआ और नमःशुद्र समाज के लोगों को नागरिकता देने के काम में तेजी लायी जाएगी। इस सभा को संबोधित करते हुए नरेंद्र मोदी ने कहा, 'मतुआ समाज, नमःशुद्र समाज की तरह शरणार्थियों को मैं एक गारंटी देने आया हूं। यहां मतुआ-नमःशुद्र तृणमूल के किसी नेता की कृपा से नहीं हैं। देश के संविधान ने ही आपलोगों को सुरक्षित किया है।'
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उन्होंने कहा कि मोदी ने CAA कानून बनाया है ताकि मतुआ, नमःशुद्र आदि को सांविधानिक अधिकार मिल सकें। यहां भाजपा की सरकार बनने के साथ ही शरणार्थियों को नागरिकता देने के काम में तेजी लायी जाएगी। प्रदेश भाजपा ने मतुआ-नमःशुद्र को लेकर कई घोषणाएं की है। सभी घोषणा सरकार गठन के बाद लागू होंगी।
हालांकि पीएम मोदी की इस घोषणा के बाद मतुआ सम्प्रदाय के लोगों में नाराजगी कितनी कम हुई है, यह समझना बहुत ही टेढ़ी खीर है। विचाराधीन मतदाता सूची से जिन लोगों का नाम हटा है वे वोट दे पाएंगे या नहीं, इस बारे में कुछ स्पष्ट नहीं किया गया है।
प्रधानमंत्री मोदी ने चुनावी सभा से की अपनी घोषणा में कहा कि बंगाल में भाजपा सरकार के गठन के बाद मंत्रिमंडल की पहली बैठक में केंद्र सरकार की आयुष्मान भारत परियोजना को राज्य में लागू करने का फैसला लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि पीएम विश्वकर्मा परियोजना के तहत कलाकारों को केंद्र सरकार प्रशिक्षित करती है।
असम में 1 लाख से अधिक लोगों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया है। बिहार में भी प्राप्त किया है। प्रत्येक व्यक्ति को ₹15 हजार की वित्तीय सहायता भी मिली है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि तृणमूल ने इस परियोजना को यहां (बंगाल में) लागू ही नहीं करने दिया। आप लोगों का बहुत बड़ा नुकसान कर दिया है। सभी परियोजनाएं लागू होंगी।