वाशिंगटन डी सी : सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) ने अपने मोनेटाइजेशन सिस्टम में बड़ा बदलाव करने का फैसला किया है। यह कदम ‘एंगेजमेंट फार्मिंग’ यानी सस्ते तरीकों से व्यूज बढ़ाने की प्रवृत्ति पर रोक लगाने के उद्देश्य से उठाया गया है। अब केवल व्यूज के आधार पर नहीं, बल्कि कंटेंट की गुणवत्ता और मौलिकता के आधार पर क्रिएटर्स को भुगतान किया जाएगा।
कंपनी के प्रोडक्ट हेड निकिता बियर के अनुसार पहले कई यूजर्स दूसरों के वीडियो या तस्वीरें कॉपी करके या भ्रामक ‘क्लिकबेट’ पोस्ट के जरिए ज्यादा व्यूज हासिल कर लेते थे, जिससे असली कंटेंट बनाने वालों को नुकसान होता था। नई नीति के तहत कॉपी किए गए कंटेंट से कोई कमाई नहीं होगी। इसके बजाय जिस यूजर ने मूल रूप से कंटेंट बनाया है, उसी को इसका लाभ मिलेगा।
नई व्यवस्था में ‘X Premium’ और ‘Premium+’ सब्सक्राइबर्स के व्यूज को ज्यादा अहमियत दी जाएगी। खास तौर पर यूजर की ‘होम टाइमलाइन’ में दिखाई देने वाले पोस्ट से ही अधिकतर कमाई होगी। वहीं बड़े अकाउंट्स के पोस्ट पर बार-बार रिप्लाई या कमेंट करके व्यूज बढ़ाने की कोशिश (रिप्लाई स्पैम) अब आर्थिक लाभ नहीं दिलाएगी।
इसी के साथ एलन मस्क ने 2026 को ‘क्रिएटर्स का साल’ बताया है और कंटेंट क्रिएटर्स के लिए बजट भी दोगुना करने की घोषणा की है। कंपनी का उद्देश्य एक ऐसा प्लेटफॉर्म तैयार करना है, जहां स्पैम से मुक्त माहौल में रचनात्मक और जानकारीपूर्ण कंटेंट को ही प्राथमिकता मिले। माना जा रहा है कि इससे प्रोफेशनल न्यूज क्रिएटर्स और लंबी सामग्री लिखने वालों के लिए नए अवसर खुलेंगे।