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महिलाओं को 33% आरक्षण : महात्मा फुले के आदर्शों की दिशा में अहम कदम-नितिन नबीन

200वीं जयंती पर दी श्रद्धांजलि, 2029 से लागू हो सकता है महिला आरक्षण कानून

By श्वेता सिंह

Apr 11, 2026 17:56 IST

नई दिल्लीः भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता नितिन नबीन (Nitin Nabin) ने कहा है कि संसद और विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने की पहल समाज सुधारक महात्मा ज्योतिबा फुले के आदर्शों के अनुरूप है। उन्होंने यह बात महात्मा फुले की 200वीं जयंती के अवसर पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कही।

इस अवसर पर पार्टी के अन्य नेताओं ने भी फुले को याद करते हुए उनके सामाजिक योगदान को रेखांकित किया। महात्मा फुले को देश में सामाजिक समानता, महिला शिक्षा और वंचित वर्गों के उत्थान के लिए उनके प्रयासों के लिए जाना जाता है। उन्होंने सत्यशोधक समाज की स्थापना कर समाज में समान अधिकारों की लड़ाई को संगठित रूप दिया।

नितिन नबीन ने कहा कि आज भी फुले के विचार प्रासंगिक हैं। उन्होंने महिलाओं की शिक्षा, आत्मनिर्भरता और सामाजिक भागीदारी पर जोर दिया था। सरकार द्वारा चलाए जा रहे अभियान और नीतियां उसी दिशा में उठाए गए कदम हैं।

महिलाओं को राजनीतिक प्रतिनिधित्व देने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम (Nari Shakti Vandan Adhiniyam) लागू करने की दिशा में पहल की है। यह कानून (संविधान का 106वां संशोधन अधिनियम, 2023) के तहत लाया गया है, जिसमें लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया गया है। इसमें अनुसूचित जाति (एससी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) की महिलाओं के लिए भी आरक्षण शामिल है।

प्रस्ताव के अनुसार लोकसभा की कुल सीटों को 543 से बढ़ाकर 816 किया जा सकता है। इनमें से लगभग 273 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी। इस कानून को लागू करने की प्रक्रिया 2029 के लोकसभा चुनावों तक पूरी होने की संभावना है, जिसमें जनगणना और परिसीमन जैसे चरण शामिल होंगे। यह पहल देश की राजनीति में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

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