साल 2021 के विधानसभा चुनाव में उत्तर बंगाल के लोगों ने खुले दिल से वोट दिया था। साल 2024 के चुनाव में भी यहीं ट्रेंड बरकरार रहा। अब 2026 के विधानसभा चुनाव में अपने गढ़ पर मजबूती के साथ पकड़ बनाए रखने के लिए भाजपा पूरी तैयारियां कर रहा है। उत्तर बंगाल में सभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर से उसी भरोसे की बात कही।
नरेंद्र मोदी ने आरोप लगाते हुए कहा कि उत्तर बंगाल को राज्य सरकार ने हमेशा वंचित किया है। इसके साथ ही उन्होंने याद दिलाते हुए कहा कि पिछले साल जब उत्तर बंगाल के कई जिले बाढ़ से तबाह हो रहे थे तब कोलकाता में दुर्गापूजा का कार्निवल आयोजित किया गया था।
बता दें, पिछले साल भारी बारिश की वजह से उत्तर बंगाल की तोर्सा नदी में आयी बाढ़ से दार्जिलिंग, कालिम्पोंग और जलपाईगुड़ी का बड़ा हिस्सा तबाह हो गया था। इस बाढ़ में लगभग 23 लोगों की मौत हो गयी है। उसी समय 5 अक्तूबर को कोलकाता में दुर्गापूजा का कार्निवल आयोजित किया गया था। इसका विपक्षी पार्टियों ने विरोध भी जताया था।
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इसी मुद्दे को उठाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि जब यहां बारिश हुई, हर तरफ हाहाकार मचा था, तब तृणमूल सरकार कोलकाता में उत्सव मना रही थी। उन्होंने कहा कि तृणमूल आदिवासी, उत्तर बंगाल, महिला और युवा विरोधी है। इसलिए पश्चिम बंगाल में इस बार सरकार बदलने की जरूरत है।
पीएम मोदी का आरोप है कि तृणमूल उत्तर बंगाल को जानबुझकर पिछड़ा रख रही है। यहां काम नहीं किया जा रहा है। केंद्र का आवंटन इस्तेमाल नहीं करने दिया जा रहा है। इस निर्मम सरकार ने मदरसों के लिए 6000 करोड़ का बजट आवंटित किया है लेकिन इतने बड़े उत्तर बंगाल के विकास के लिए राज्य सरकार ने पर्याप्त बजट आवंटित नहीं किया है। ये अपने विशेष वोटबैंक को संतुष्ट करने में व्यस्त हैं।
सिलीगुड़ी की सभा से चाय बगान श्रमिकों की समस्या से लेकर 'चिकेन्स नेक' से संबंधित समस्याओं के मुद्दों को भी प्रधानमंत्री मोदी ने उठाया। तृणमूल पर तीखा वार करते हुए नरेंद्र मोदी ने कहा कि देश में एक टूकड़े-टूकड़े गैंग है। उसी गैंग के लोगों ने सिलीगुड़ी कॉरिडोर को काटने की धमकी दी थी। उत्तर-पूर्व को देश से अलग करना चाहते थे। ऐसे लोगों को ही तृणमूल सड़कों से लेकर संसद तक में समर्थन करती है। यहीं इनका असली चेहरा है। भाजपा के लिए सिलीगुड़ी कॉरिडोर देश की सुरक्षा और समृद्ध कॉरिडोर है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आरोप लगाया कि चाय बागान के मजदूरों की समस्याओं के समाधान और जमीन के पट्टे देने का काम असम में हुआ है, लेकिन बंगाल के चाय क्षेत्र में राज्य सरकार द्वारा कोई विकास कार्य नहीं किया गया है।