🔔 ताज़ा ख़बरें सबसे पहले!

Samachar EiSamay की ब्रेकिंग न्यूज़, राजनीति, खेल, मनोरंजन और बिज़नेस अपडेट अब सीधे आपके पास।

ईरान की जंग ने रोकी राजस्थान की 'शाही ट्रेन' की रफ्तार, पर्यटन इंडस्ट्री पर पड़ी बुरी मार

पैलेस ऑन व्हील्स अपने अंतिम फेरे पर मात्र 30 यात्रियों के साथ जैसलमेर पहुंची। वैश्विक तनाव के कारण इस सीजन 32 में से 10 फेरे रद्द हो गए।

By लखन भारती

Apr 12, 2026 17:59 IST

जयपुरः ईरान पर अमेरिका-इजरायल के हमले और फिर मिडिल ईस्ट में युद्ध का असर राजस्थान पर भी पड़ रहा है। दुनिया की सबसे आलीशान ट्रेनों में शुमार ‘पैलेस ऑन व्हील्स' के लिए इस पर्यटन सीजन निराशाजनक रहा। वैश्विक स्तर पर बढ़ते युद्ध और तनावपूर्ण हालात का सीधा असर इस शाही ट्रेन के यात्री भार पर पड़ा है। आज रविवार को इस सीजन के अंतिम फेरे पर पैलेस ऑन व्हील्स मात्र 30 यात्रियों को लेकर जैसलमेर पहुंची। इसके चलते अब पर्यटन इंडस्ट्री से जुड़े व्यवसायी काफी निराश हैं। आशंका है कि टूरिज्म इंडस्ट्री को इससे भारी नुकसान हो सकता है।

स्टेशन पर ढोल-नगाड़ों से ट्रेन का स्वागत

जैसलमेर रेलवे स्टेशन पर ट्रेन का भव्य स्वागत किया गया। ढोल-नगाड़ों की गूंज, लोकसंगीत और पारंपरिक नृत्य के बीच विदेशी सैलानियों का गर्मजोशी से अभिनंदन हुआ। यात्रियों ने मिडल ईस्ट में चल रहे तनाव को यात्री भार कम होने का बड़ा कारण बताया और विश्व शांति की प्रार्थना की। मिडल ईस्ट में युद्ध के अलावा पहले भी रूस-यूक्रेन युद्ध और हमास-इजरायल तनाव के चलते अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों की संख्या घटी थी। पहले ट्रेन में 70-80 प्रतिशत तक ऑक्यूपेंसी रहती थी, लेकिन इस बार अंतिम फेरे में केवल 26 प्रतिशत यात्री ही सवार थे।

32 में से 10 फेरे रद्द

इस सीजन में कुल 32 फेरों में से 10 फेरे रद्द करने पड़े। जैसलमेर रेलवे स्टेशन अधीक्षक पंकज कुमार झा ने बताया कि कोरोना काल के बाद पर्यटन उद्योग पर बुरा प्रभाव पड़ा। हाल ही में ईरान-इजराइल युद्ध के कारण विदेशी पर्यटकों की आवक घटी, जिससे कई फेरे रद्द करने पड़े। अभी तक लगभग 10 फेरे ही पूरे हो पाए हैं।

लोक कलाकारों की आजीविका पर भी संकट

ट्रेन का 1982 में शुरू होना और 2023 में निजीकरण के बाद आधुनिक सुविधाओं से लैस होना भी अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों को आकर्षित करने में पूरी तरह सफल नहीं हो सका। अत्यधिक किराया और वैश्विक अस्थिरता दोनों ही बड़ी बाधाएं बनी हुई हैं। इस शाही ट्रेन के यात्री भार में कमी से राजस्थान पर्यटन को बड़ा झटका लगा है। लोक कलाकारों की रोजी-रोटी भी प्रभावित हुई है। जैसलमेर में कालबेलिया नृत्य करने वाले कलाकार बक्स खान ने कहा कि पर्यटक कम होने से उनके कार्यक्रम घट गए हैं और आजीविका पर असर पड़ा है।

Articles you may like: