हाल ही में सुन्दरवन टाइगर रिजर्व में चौथे बर्ड फेस्टिवल का आयोजन किया गया था। 3 दिनों तक चले बर्ड फेस्टिवल के दौरान पक्षी और वन्य प्रेमियों को लगभग 31,000 पक्षी दिखे। हालांकि यह संख्या पिछले साल के मुकाबले कम ही रही। लेकिन अच्छी बात यह रही है कि भले ही कुल मिलाकर पक्षियों की संख्या कम रही लेकिन पिछले साल की तुलना में पक्षियों की ज्यादा प्रजातियां नजर आयीं।
पिछले साल जहां मात्र 154 प्रजातियों की पक्षियां ही नजर आयी थी, वहीं इस साल पक्षियों की 168 प्रजातियां दिखी हैं।
वहीं बात अगर कुल पक्षियों की संख्या की करें तो इस साल 30986 पक्षी दिखें जबकि पिछले साल इससे कुछ ज्यादा यानी 31,926 पक्षी नजर आएं थे।
बता दें, बर्थ फेस्टिवल का आयोजन 24, 25 और 26 जनवरी को दक्षिण 24 परगना जिले के डिविजन और टाइगर रिजर्व दोनों में आयोजित किया गया था जिसमें 6 टीमों ने हिस्सा लिया था। कुल मिलाकर इस फेस्टिवल में 24 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया था, जो सिर्फ देश ही नहीं बल्कि दुनिया के अलग-अलग हिस्सों से भी थे। इन्होंने लगभग 4000 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में इन पक्षियों के बारे में अध्ययन किया। पिछले मंगलवार को ही इस अध्ययन की रिपोर्ट राज्य के वन मंत्री बीरबाहा हांसदा ने जारी की।
यहां जो प्रमुख प्रजातियां नजर आयी उनमें हिमालयी ग्रीफॉन गिद्ध, काले और भूरे सिर वाले गल और यूरेशियर कर्ल्यू शामिल हैं। 45 प्रजातियों के मडफ्लैट पक्षियां भी नजर आयी।
TOI की मीडिया रिपोर्ट में जूलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया के वैज्ञानिक अमिताभ मजूमदार के हवाले से दावा किया गया है कि फेस्टिवल के पहले संस्करण में हमने जो सलाह और परामर्श दी थी, उन्हें विभाग ने बहुत अच्छी तरह से लागू किया है। इससे पता चलता है कि पूरे क्षेत्र का प्रबंधन अच्छा हो रहा है। उन्होंने पुष्टि करते हुए कहा कि हमारे सर्वे के दौरान प्लास्टिक का एक भी टुकड़ा तक नजर नहीं आया था।
बताया जाता है कि इस साल के बर्ड फेस्टिवल के दौरान पक्षियों की 168 प्रजातियां दिखीं जिसमें 57 प्रजातियां प्रवासी और 111 स्थानीय निवासी हैं। इन सभी 168 प्रजातियों में 14 ऐसी प्रजातियां भी नजर आयी हैं जो विलुप्ति के कगार पर पहुंच चुकी है। मीडिया रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार सबसे ज्यादा 105 प्रजातियों की पक्षियां बसीरहाट रेंज में दिखी हैं। उसके बाद कलस में 85, नेशनल पार्क पश्चिम में 75, साजनेखाली में 71 और नेशनल पार्क पूर्व में 70 प्रजातियों की पक्षियां नजर आयी हैं।