बैरकपुर: विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही बैरकपुर में बीजेपी के गुटीय संघर्ष सार्वजनिक हो गए हैं। बैरकपुर लोकसभा क्षेत्र में पुराने और नव-बीजेपी के बीच लड़ाई कई वर्षों से चल रही है। इस बार यह चरम रूप पकड़ में आ गया। हाल ही में जेल से रिहा हुई बीजेपी की नेत्री तनु खस्तगीर ने स्थानीय बीजेपी नेताओं के नाम लेते हुए धमाकेदार आरोप लगाए। तनु का दावा है कि उन्हें जेल भेजने की साजिश बीजेपी के नेता ही कर रहे थे।
बैरकपुर संगठनात्मक जिला बीजेपी में तनु खस्तगीर बैरकपुर के पूर्व बीजेपी सांसद अर्जुन सिंह की करीबी के रूप में जानी जाती हैं। दो महीने पहले भाजपा महिला मोर्चा की राज्य अध्यक्ष फाल्गुनी पात्र पर तनु ने तीखी टिप्पणी की थी। फाल्गुनी पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वह महिलाओं के साथ अश्लील कार्य करती हैं। इसके साथ ही उन्होंने फाल्गुनी की टैटू पसंद पर भी कटाक्ष किया था। इसके चलते बंगाल बीजेपी में हड़कंप मच गया और राज्य नेतृत्व ने तनु को नोटिस भी भेजा। महत्वपूर्ण है कि इसके बाद कल्याणी AIM में नौकरी देने के नाम पर पैसा लेने का मामला तनु के खिलाफ उठा।
उसी शिकायत में उन्हें गिरफ्तार किया गया था। 42 दिन जेल काटने के बाद हाल ही में उन्हें रिहा किया गया। उसके बाद ही उन्होंने बीजेपी के कुछ नेताओं के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए। इस दिन तनु ने कहा, 'मेरी जिंदगी की सबसे बड़ी गलती बीजेपी में जाना था। मैं जीवन में कभी भी बीजेपी में नहीं जाऊँगी।' कभी उनके करीबी रहे अर्जुन सिंह की तरफ ही तनु का आरोप है। अर्जुन और हालीशहर के एक बीजेपी नेता के लिए तनु ने कहा, 'मुझे फाल्गुनी पात्र के नाम पर जबरदस्ती आरोप लगाने के लिए कहा गया। मैंने कोई अपराध नहीं किया, मुझे फंसाया गया। झूठा आरोप लगाकर मुझे जेल में डाला गया।'
तनु का धमाकेदार दावा, 'कोई सभ्य आदमी बीजेपी में टिक नहीं सकता। इसलिए 2026 क्यों, 2046 में भी बीजेपी पश्चिम बंगाल में सत्ता में नहीं आ सकेगी।' हालांकि, तनु खस्तगीर के इस धमाकेदार आरोप पर बीजेपी के बैरकपुर नेतृत्व ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। अर्जुन सिंह भी खामोश हैं।