कोलकाताः दोल यात्रा के एक दिन बाद पश्चिम बंगाल बुधवार को रंगों और उमंग के सैलाब में डूब गया। सुबह से ही लोगों ने एक-दूसरे को गुलाल लगाया और रंगों की बौछार के साथ होली का जश्न मनाया। देर सुबह से शुरू हुआ उत्सव दिन चढ़ने के साथ और रंगीन होता गया, जहां बॉलीवुड के लोकप्रिय होली गीतों की धुन पर लोग थिरकते नजर आए।
राज्य के अलग-अलग हिस्सों में भाईचारे और सौहार्द का माहौल दिखा। उम्र, धर्म और भाषा की सीमाएं पार करते हुए लोग एक-दूसरे के साथ नाचते-गाते नजर आए। खासकर कोलकाता के बड़ाबाजार, चितपुर, भवानीपुर, लेक टाउन और काशीपुर जैसे इलाकों में उत्सव की रौनक देखने लायक रही। बॉलीवुड के गीतों पर खूब थिरके लोग। इन क्षेत्रों में उत्तर भारतीय समुदाय की बड़ी आबादी रहती है, जिससे होली का रंग और भी गहरा दिखा।
सुरक्षा के लिहाज से कोलकाता में व्यापक इंतजाम किए गए। पुलिस ने शराब के नशे में नदियों में उतरने पर सख्त चेतावनी दी और हुड़दंग व अव्यवस्था पर कड़ी कार्रवाई की बात कही। घाटों पर विशेष निगरानी रखी गई ताकि किसी तरह की अप्रिय घटना न हो। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के अनुसार, त्योहार के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किया गया था।
राजनीतिक हस्तियां भी रंगों के इस उत्सव में पीछे नहीं रहीं। पश्चिम बंगाल सरकार के मंत्री सुजीत बोस, भाजपा नेता अर्जुन सिंह और तृणमूल कांग्रेस सांसद पार्थ भौमिक समेत कई नेताओं ने लेक टाउन, बैरकपुर, नैहाटी, काकीनाड़ा और भाटपाड़ा में होली समारोह में हिस्सा लिया। रंगों से सराबोर सुजीत बोस ने कहा कि वे वर्षों से अपने क्षेत्र में होली समारोह में भाग लेते रहे हैं।
आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनजर कई नेताओं ने इस मौके का उपयोग मतदाताओं से जुड़ने के लिए भी किया। केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री और पूर्व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने सोशल मीडिया पर देशवासियों को होली की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने अपने संदेश में “जय श्री राम” के साथ सभी को रंगों के इस उल्लासमय पर्व की बधाई दी।
दोल यात्रा से शुरू हुआ उत्सव होली के रंगों के साथ पूरे बंगाल में सामाजिक एकता और सांस्कृतिक विविधता का प्रतीक बनकर सामने आया।