🔔 ताज़ा ख़बरें सबसे पहले!

Samachar EiSamay की ब्रेकिंग न्यूज़, राजनीति, खेल, मनोरंजन और बिज़नेस अपडेट अब सीधे आपके पास।

आरजी कर मेडिकल कॉलेज में भ्रष्टाचार के लाखों रुपयों से अख्तर अली सपरिवार जाते थे हैदराबाद - CBI

आरजी कर भ्रष्टाचार मामले में CBI द्वारा दायर सप्लीमेंट्री चार्जशीट में अख्तर अली के कारनामों की पोल खोली गयी है।

By Arpita Hazra, Posted By : Moumita Bhattacharya

Feb 17, 2026 10:42 IST

आरजी कर मेडिकल कॉलेज व अस्पताल (RG Kar Medical College) में जिस समय जूनियर डॉक्टर से दुष्कर्म और हत्या मामले की जांच की जा रही थी, उसी समय वहां के प्रिंसिपल रहे संदीप घोष व अन्य कुछ लोगों के खिलाफ अख्तर अली ने भ्रष्टाचार का आरोप लगाया था। अख्तर अली उस समय आरजी कर मेडिकल कॉलेज के डेप्यूटी सुपर के पद पर कार्यरत थे। उन्होंने अदालत का दरवाजा भी खटखटाया था। कहा जा रहा था कि उन्होंने आरजी कर में भ्रष्टाचार का पर्दाफाश करने की हिम्मत दिखाई है। लेकिन...

अख्तर अली खुद भी दूध के धुले नहीं हैं, काफी समय पहले ही CBI ने यह जानकारी दे दी थी। अब केंद्रीय जांच अधिकारी की सप्लिमेंट्री चार्जशीट में दावा किया गया है कि उसी भ्रष्टाचार के रुपयों से अख्तर अली ने पूरे परिवार के लिए कोलकाता-हैदराबाद का फ्लाइट का टिकट बुक किया था। इसके लिए लगभग डेढ़ लाख रुपयों का खर्च आया था।

हालांकि यह भी दावा किया जा रहा है कि यह रकम आरजी कर में हुए भारी भ्रष्टाचार का एक छोटा सा हिस्सा मात्र है। CBI का आरोप है कि फ्लाइट के टिकट का खर्च देने के बदले में उक्त व्यवसायी को टेंडर दिलाने का भरोसा अख्तर अली ने दिया था। बतौर डेप्यूटी सुपर अख्तर अली उस समय अस्पताल में इलाज के लिए उपयोग होने वाले विभिन्न यंत्रों की खरीदारी की जिम्मेदारी संभालते थे।

Read Also | Bengal Election 2026 : चुनाव आयोग पर ममता बनर्जी का आरोप, कहा- राष्ट्रपति शासन लागू करने की कोशिश

CBI सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार आरजी कर भ्रष्टाचार मामले में दायर सप्लीमेंट्री चार्जशीट में अख्तर अली के कारनामों की पोल खोली गयी है। इस मामले में वर्तमान में अख्तर अली जेल में बंद हैं। आज, मंगलवार को अलीपुर CBI अदालत में मामले की सुनवाई होनी है। चार्जशीट में CBI ने दावा किया है कि आरजी कर में भ्रष्टाचार का मुख्य आरोपी अख्तर अली ही हैं।

संदीप घोष के वहां प्रिंसिपल बनकर आने से काफी पहले ही अख्तर अली ने भ्रष्टाचार का बीजारोपण कर दिया था। अख्तर अली ने आरजी कर में वर्ष 2007 में बतौर एसिस्टेंट सुपर के पद पर ज्वाइन किया था। पदोन्नति के बाद जब डेप्यूटी सुपर बन गए, तब अख्तर अली ने सपरिवार कोलकाता से हैदराबाद फ्लाइट से आवाजाही के लिए 1 लाख 49 हजार 681 रुपया का 'नजराना' एक व्यवसायी से लिया था।

CBI का दावा है कि इससे पहले भी उक्त व्यक्ति से अख्तर अली ने कई तरह की आर्थिक सुविधाओं का लाभ उठाया था। दावा किया जाता है कि कई व्यवसायियों से इसी प्रकार लिया गया 'नजराना' अख्तर अली की पत्नी के बैंक अकाउंट में जाता था। संदीप घोष के आरजी कर में आने से पहले इलाज के लिए बड़ी संख्या में यंत्र आदि एक कंपनी से खरीदी गयी थी।

उस कंपनी के एक हिस्सेदार के तौर पर भी अख्तर अली ने कब्जा जमा रखा था। CBI का दावा है कि कंपनी के मालिक से कहा गया था कि वेंडर का बकाया बिल से संबंधित मामला अख्तर अली देखते हैं, इसलिए उस बिल को सिर्फ वहीं जल्दी छोड़ दे सकते हैं। इसके बाद कंपनी के हिस्सेदार व्यक्तियों से 2 लाख 39 हजार रुपया अख्तर अली की पत्नी के अकाउंट में जमा हुआ था।

CBI का आरोप है कि फरवरी 2021 में संदीप घोष की बतौर प्रिंसिपल आरजी कर मेडिकल कॉलेज में नियुक्ति ने आग में घी डालने का काम किया। संदीप-अख्तर की जोड़ी ने बड़े षड्यंत्र रचकर भ्रष्टाचार को बड़े पैमाने पर फैलाना शुरू किया। गैरकानूनी कोटेशन को लेकर समस्या का समाधान करने के लिए आरजी कर के प्रिंसिपल के ऑफिस में संदीप घोष और अख्तर अली बैठक करते थे लेकिन कुछ समय बाद अख्तर अली को अहसास हुआ कि उनको एक के बाद एक गैर-कानूनी लेनदेन में 'वंचित' किया जा रहा है। इसी बात से खुन्नस में ही आकर वर्ष 2023 में अख्तर अली ने राज्य के विजिलेंस कमिशन और स्वास्थ्य भवन समेत विभिन्न जगहों पर संदीप घोष के खिलाफ शिकायत दर्ज करवायी।

Next Article
तृणमूल कांग्रेस का उम्मीदवार बनना चाहते हैं? तृणमूल भवन के बायोडाटा बॉक्स में डालें आवेदन

Articles you may like: