लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने सोमवार को कहा कि राज्य में कानून व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति आगे भी जारी रहेगी। बजट सत्र के पहले दिन विधान सभा और विधान परिषद् के संयुक्त सत्र को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने बताया कि नवंबर 2019 से अब तक माफिया तत्वों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई के चलते 35 माफिया डॉन और उनके 94 सहयोगियों को सजा दिलाई गई है। कुल 129 दोषियों में से दो को मृत्युदंड दिया गया है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2017 से अब तक पुलिस मुठभेड़ों में 267 अपराधी मारे गए हैं। राज्य सरकार कानून व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए जीरो टॉलरेंस नीति पर लगातार काम कर रही है।
पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, राज्यपाल ने सदन को जानकारी दी कि राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत 977 अभियुक्तों को हिरासत में लिया गया है। वहीं माफिया तत्वों की 4,137 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध संपत्ति जब्त की गई है। पुलिस की त्वरित कार्रवाई पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि यूपी 112 आपातकालीन सेवा का रिस्पॉन्स टाइम वर्ष 2017 में 25.42 मिनट था, जो 2025 में घटकर 6.51 सेकंड रह गया है। साइबर अपराध को लेकर उन्होंने बताया कि 2017 से पहले राज्य में केवल दो साइबर पुलिस थाने थे, जबकि अब सभी 75 जिलों में साइबर पुलिस थाने कार्यरत हैं।
राज्यपाल ने यह भी बताया कि 2017 के बाद से एंटी करप्शन ऑर्गनाइजेशन ने 999 सफल ट्रैप ऑपरेशन किए हैं, जिनमें 2,081 अधिकारी और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। उन्होंने पुलिस भर्ती, होमगार्ड्स के कल्याण, एकीकृत न्यायालय परिसरों और जेलों के निर्माण जैसे कदमों का भी जिक्र किया, जिन्हें आपराधिक न्याय प्रणाली को मजबूत करने के प्रयास बताया गया। विपक्ष के विरोध और नारेबाजी के बीच राज्यपाल ने कहा कि महिलाओं के खिलाफ अपराधों के त्वरित निपटारे के लिए 81 फास्ट ट्रैक अदालतों को संस्थागत रूप दिया गया है। यह सरकार के करीब नौ वर्षों के कार्यकाल की अहम उपलब्धि है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 2017 में सत्ता संभाली थी। भाजपा के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार 2022 में लगातार दूसरी बार सत्ता में लौटी।