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बुर्का पहनकर गहनों की दुकान में प्रवेश नहीं, यूपी के ज्वेलरी व्यवसायियों का निर्णय

‘नो फेस, नो ज्वेलरी’… यूपी के कई शहरों में गहने खरीदने के लिए हटाना होगा नकाब, दुकानदारों ने जारी किया पोस्टर

By कौशिक दत्ता, Posted by: लखन भारती

Jan 10, 2026 21:49 IST

उत्तर प्रदेश के वाराणसी, इटावा समेत कई जिलों में कारोबारियों ने सुरक्षा के चलते बुर्का, हिजाब, घूंघट और हेलमेट पहनकर आने वालों को ज्वेलरी न बेचने का फैसला लिया है। इस फैसले की पूरे प्रदेश में खूब चर्चा हो रही है।

बिहार के बाद उत्तर प्रदेश के वाराणसी और इटावा सहित कई जिलों में भी सर्राफा कारोबारियों ने बुर्का, हिजाब, घूंघट और हेलमेट पहनकर आने वालों को आभूषण न बेचने का फैसला लिया है। चोरी, लूट और ठगी की घटनाओं को देखते हुए व्यापारियों ने सुरक्षा के मद्देनजर यह निर्णय लिया है। उत्तर प्रदेश स्वर्णकार संघ की वाराणसी इकाई के जिलाध्यक्ष कमल सिंह का कहना है कि वाराणसी में चेहरे ढककर आए ग्राहकों को हम आभूषण नहीं बेचेंगे।

अगर नकाबपोश व्यक्ति यदि कोई वारदात को अंजाम देता है तो उसकी पहचान नहीं हो पाती। हमने अपनी दुकानों के आगे पोस्टर लगाए हैं जिन पर लिखा है कि मास्क, बुर्का, हेलमेट और नकाब पहनकर दुकान में आना मना है। उत्तर प्रदेश स्वर्णकार संघ के अध्यक्ष सत्यनारायण सेठ ने बताया कि झांसी समेत प्रदेश के कई जिलों में सुनार की दुकानों के आगे इस तरह के पोस्टर लगे हैं। सेठ ने कहा कि दुकानदार किसी व्यक्ति के धर्म का विरोध नहीं कर रहे, बल्कि अपनी सुरक्षा के लिए ऐसा कर रहे हैं।

दुकान में एंट्री से पहले दिखाना होगा चेहरा

मुस्लिम ग्राहक बुर्का पहनकर आएं, लेकिन दुकान पर नकाब हटा दें, ताकि उनकी पहचान सुनिश्चित हो सके। इटावा में भी इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन के निर्देश पर अब जिले की किसी भी आभूषण दुकान या शोरूम में चेहरा ढककर प्रवेश नहीं देने की अपील की गई है। हेलमेट, नकाब, घूंघट या अंगोछा पहनकर आने वाले ग्राहकों को पहले अपना चेहरा दिखाना होगा। बिना चेहरा दिखाए न तो आभूषण दिखाए जाएंगे और न ही कोई बिक्री की जाएगी।

दुकानों के बाहर पोस्टर लगना शुरू

इस फैसले के बाद शहर की सर्राफा दुकानों पर अपील वाले पोस्टर भी लगाए जाने लगे हैं। यह निर्णय लगातार सामने आ रही चोरी और लूट की घटनाओं को देखते हुए लिया गया है। एसोसिएशन का कहना है कि कई मामलों में नकाबपोश लोग आभूषणों की दुकानों पर वारदात को अंजाम देकर फरार हो जाते हैं। बाद में सीसीटीवी कैमरों में उनके चेहरे साफ न होने के कारण पहचान करना मुश्किल हो जाता है।

इसी समस्या से बचने के लिए वाराणसी की तर्ज पर इटावा में भी यह नियम लागू किया गया है, ताकि अपराध पर रोक लगाई जा सके और कारोबारियों को सुरक्षित माहौल मिल सके। इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन के प्रदेश सह प्रभारी आकाशदीप जैन ने दिन के समय इटावा के सभी सर्राफा व्यवसायियों से सतर्क रहने की अपील की है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक दुकान पर साफ शब्दों में लिखा होना चाहिए कि चेहरा ढक कर प्रवेश वर्जित है।

संदिग्ध गतिविधि पर पुलिस को दे सूचना’

किसी भी संदिग्ध व्यक्ति को दुकान के अंदर प्रवेश न दिया जाए और यदि कोई संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे तो तुरंत पुलिस को सूचना दी जाए। संस्था की ओर से जागरूकता से जुड़े पोस्टर भी दुकानों पर लगाए जा रहे हैं। आकाशदीप जैन ने स्पष्ट किया कि यह फैसला किसी धर्म या समुदाय के खिलाफ नहीं है। इसका मकसद केवल सर्राफा व्यवसायियों, कर्मचारियों और ग्राहकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। संस्था का मानना है कि इस नियम के लागू होने से आभूषण दुकानों पर होने वाली घटनाओं में कमी आएगी और कारोबार ज्यादा सुरक्षित तरीके से चल सकेगा।

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