नई दिल्लीः तमिलनाडु में सत्तारूढ़ डीएमके के एक मंत्री ने उत्तर भारतीयों को लेकर अशोभनीय टिप्पणी की। मंत्री ने उत्तर भारतीयों को पानीपुरी बेचने वाले, टेबल साफ़ करने वाले और निर्माण श्रमिक बताते हुए संबोधित किया और उन्हें “पानीपुरी बेचने वाले” और “टेबल साफ़ करने वाले” कहा। राज्य के मंत्री एम.आर.के. पन्नीरसेल्वम ने चेंगलपट्टू ज़िले के मदुरंथकम में आयोजित एक बैठक के दौरान उत्तर भारतीयों का मज़ाक उड़ाया। इन टिप्पणियों के बाद भाजपा ने डीएमके पर समुदायों के बीच नफ़रत भड़काने का आरोप लगाया। भाजपा नेताओं ने गुरुवार को द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) के नेता पन्नीरसेल्वम की कड़ी निंदा की।
एएनआई से बात करते हुए भाजपा सांसद दर्शन सिंह चौधरी ने कहा कि ऐसे बयान उत्तर भारत की समृद्धि को कमजोर करते हैं। यह एक शर्मनाक और आपत्तिजनक बयान है। ऐसे लोग उत्तर भारत के सनातनी माहौल को बिगाड़ने की कोशिश करते हैं। उन्हें इस तरह की हरकतों से बचना चाहिए।
इस बीच भाजपा सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने समावेशी दृष्टिकोण रखते हुए कहा कि हर व्यक्ति के योगदान को सम्मानपूर्वक स्वीकार किया जाना चाहिए और विकसित भारत 2047 के लक्ष्य में सभी की भूमिका महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा, “हर व्यक्ति-चाहे वह मज़दूर हो, उद्यमी हो या उद्योगपति—देश की अर्थव्यवस्था में अहम भूमिका निभाता है। हम विकसित भारत 2047 की ओर बढ़ रहे हैं और इसे साकार करने में सभी का योगदान महत्वपूर्ण होगा।”
कांग्रेस नेता उदित राज ने कहा, “मैं इस बयान की निंदा करता हूँ। हालांकि मैं मानता हूँ कि औद्योगीकरण, सेवा क्षेत्र, तकनीक और शिक्षा के मामलों में दक्षिण भारत, उत्तर भारत से आगे है।”
इसी बीच द्रविड़ मुनेत्र कड़गम की सांसद कनिमोझी करुणानिधि ने कल चेन्नई स्थित पार्टी मुख्यालय अरिवालयम में पार्टी की चुनाव घोषणापत्र समिति की बैठक की अध्यक्षता की।
यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब तमिलनाडु में इस वर्ष की पहली छमाही में विधानसभा चुनाव होने हैं, हालांकि भारत निर्वाचन आयोग ने अभी तक आधिकारिक चुनाव कार्यक्रम की घोषणा नहीं की है।