पटनाः पटना में एक नीट छात्रा की संदिग्ध मौत को लेकर मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। छात्रा के परिवार ने प्रशासन, हॉस्टल और अस्पताल पर मिलीभगत का आरोप लगाया है। वहीं विपक्ष ने राज्य सरकार पर मामले को दबाने की कोशिश करने का आरोप लगाया है। सरकार ने अब इस मामले की जांच सीबीआई को सौंपने का फैसला किया है।
परिवार का आरोप: प्रशासन की मिलीभगत से हुई मौत
मृत छात्रा के परिजनों का कहना है कि वे अब तक की जांच से संतुष्ट नहीं हैं। उनका आरोप है कि प्रशासन, हॉस्टल प्रबंधन और अस्पताल- तीनों ने मिलकर सच्चाई छिपाने की कोशिश की। परिवार का कहना है कि उन्होंने सीबीआई जांच की मांग नहीं की थी, बल्कि सुप्रीम कोर्ट या हाईकोर्ट के किसी जज की निगरानी में निष्पक्ष जांच चाहते थे।
परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस ने शुरू में इसे आत्महत्या बताने की कोशिश की, जबकि वे इस बात पर भरोसा नहीं करते। उनका कहना है कि बिहार पुलिस सरकार के दबाव में काम कर रही है।
राजद का हमला: सरकार सच छुपा रही है
राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के सांसद मनोज कुमार झा ने कहा कि बिहार में कानून-व्यवस्था की स्थिति ठीक नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले में भी पीड़िता के चरित्र को बदनाम करने की कोशिश की गई और अब सरकार पूरे मामले को दबाने में लगी है।
सरकार का पक्ष: न्याय के लिए सीबीआई जांच
उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने सरकार के फैसले का बचाव करते हुए कहा कि सरकार की मंशा साफ़ है। पहले ईमानदारी से जांच की गई, लेकिन परिवार संतुष्ट नहीं हुआ, इसलिए अब मामला सीबीआई को सौंपा गया है ताकि पीड़िता को पूरा न्याय मिल सके।
उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बताया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने केंद्र सरकार से इस मामले की जांच सीबीआई को सौंपने का अनुरोध किया है, ताकि पूरी सच्चाई पारदर्शी तरीके से सामने आ सके।
पुलिस की कार्रवाई और जांच
पुलिस के मुताबिक छात्रा की इलाज के दौरान मौत हुई थी। यौन उत्पीड़न की खबरें जरूर सामने आई थीं, लेकिन डॉक्टरों ने अब तक इसकी पुष्टि नहीं की है। मामले में लापरवाही के आरोपों के चलते पटना पुलिस ने दो पुलिस अधिकारियों को निलंबित कर दिया है और एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है।
छात्र और अभिभावकों में नाराज़गी
घटना के बाद हॉस्टल के बाहर अभिभावकों ने प्रदर्शन किया। उनका कहना है कि हॉस्टल प्रशासन सहयोग नहीं कर रहा और इस घटना के बाद छात्र पढ़ाई पर ध्यान नहीं लगा पा रहे हैं।