हैदराबाद: तेलंगाना में जहरीले लिथल इंजेक्शन देकर एक बार फिर करीब 100 आवारा कुत्तों को मार डाले जाने का आरोप सामने आया है। यह घटना 19 जनवरी को रंगारेड्डी जिले के याचरम गांव में हुई। इससे पहले इसी महीने की शुरुआत में राज्य में 500 से अधिक कुत्तों को इसी तरह जहर देकर मारे जाने का मामला सामने आया था।
जांच में सामने आया है कि पंचायत चुनाव से पहले गांव को कुत्तों से मुक्त करने का जो वादा प्रत्याशियों ने किया था, उसे पूरा करने के लिए इस तरह की अमानवीय कार्रवाई की गई। पिछले साल दिसंबर में तेलंगाना में ग्राम पंचायत चुनाव हुए थे। उस दौरान कई उम्मीदवारों ने गांववासियों को कुत्तों और बंदरों के आतंक से निजात दिलाने का आश्वासन दिया था। आरोप है कि चुनाव जीतने के बाद उसी वादे को निभाने के नाम पर यह निर्मम हत्या की गई।
जांचकर्ताओं के अनुसार, योजनाबद्ध तरीके से कुत्तों के खाने में जहर मिलाया गया या सीधे उन्हें जहरीले इंजेक्शन दिए गए। इस मामले में गांव के सरपंच, पंचायत सचिव और वार्ड सदस्य पर आरोप लगे हैं। अभियुक्तों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और पशु क्रूरता निवारण अधिनियम की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। गांव के कुछ निवासियों ने भी इस दर्दनाक घटना की पुष्टि की है। अभियुक्तों की तलाश जारी है।
इससे पहले तेलंगाना के श्यामपेट, अरेपल्ली और पालवंचा इलाकों में करीब 500 कुत्तों के शव मिले थे। उस मामले में भी 15 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया था, जिनमें से 7 ग्राम पंचायत प्रधान थे।