मुंबई : पांडुरंग कंदमानगाले को पंचायत चुनाव में खड़े होने की इच्छा थी, लेकिन उसके तीन बच्चे थे। दो बच्चों की नीति उसकी इच्छा के रास्ते में बाधा बन गई। इसलिए ऐसा आरोप है कि रास्ते का कांटा हटाने के लिए तीन बच्चों में से एक बेटी की हत्या कर दी। महाराष्ट्र के नांदेड़ जिले की इस घटना से सनसनी फैल गई है। आरोपी पांडुरंग कंदमानगाले को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। जांच जारी है।
पांडुरंग पेशे से नाई है। केऱूर गांव में उसकी एक छोटी सी सैलून है। पत्नी, तीन साल का एक बेटा और छह साल की जुड़वा बेटियों के साथ उसका खुशहाल परिवार था। लेकिन पंचायत चुनाव लड़ने की इच्छा ही काल बन गई। महाराष्ट्र में 2003 से दो बच्चों की नीति लागू है। यानी तीन या उससे अधिक बच्चे होने पर कोई व्यक्ति चुनाव नहीं लड़ सकता।
इस विषय में पांडुरंग ने अपने दोस्त गणेश शिंदे से सलाह-मशविरा किया, जो खुद पंचायत प्रमुख है। पुलिस के अनुसार पहले उन्होंने तय किया कि एक बेटी को किसी को गोद दे देंगे। लेकिन दिक्कत यह थी कि जन्म प्रमाण पत्र बदला नहीं जा सकता, जिसमें पिता के रूप में पांडुरंग का ही नाम दर्ज रहता।
इसके बाद उन्होंने तय किया कि एक बेटी को कहीं छोड़कर भाग जाएंगे। लेकिन वहां भी समस्या थी अगर बच्ची वापस आ गई तो? आखिरकार दोनों ने मिलकर तय किया कि हत्या करनी होगी और फिर उसे दुर्घटना का रूप दे दिया जाएगा। आरोप है कि इसी योजना के तहत पांडुरंग ने प्राची नाम की छह साल की बेटी की गला दबाकर हत्या कर दी। इसके बाद वह मोटरसाइकिल से उसे निजामाबाद की एक नहर में फेंककर फरार हो गया।
कुछ ही देर बाद प्राची का शव पानी में तैरता हुआ दिखाई दिया। गांववालों ने पुलिस को सूचना दी। जांच के दौरान पुलिस ने पांडुरंग को हिरासत में लिया। पहले उसने कहा कि बेटी बीमार है और अस्पताल में भर्ती है। पुलिस का दावा है कि बाद में पूछताछ में उसने हत्या की बात कबूल कर ली। हत्या की साजिश में शामिल होने के आरोप में गणेश शिंदे को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया है। निजामाबाद के पुलिस आयुक्त पी. साई चैतन्य ने कहा कि नहर से शव बरामद होने के बाद ही अभियुक्त को गिरफ्तार किया गया। मामले की जांच जारी है।